सीएमओ के निर्देशों के बावजूद, मड़ावरा सीएचसी में रक्तदान शिविर में अव्यवस्था

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ललितपुर। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा में आयोजित रक्तदान शिविर अव्यवस्थाओं और प्रशासनिक समन्वय के अभाव के कारण विवादों में घिर गया। आयोजकों का आरोप है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सीएचसी प्रशासन ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया, जिससे करीब 25 से 30 संभावित रक्तदाता बिना रक्तदान किए लौट गए और शिविर अपने संभावित लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका। शांति देहदान चैरिटेबल ट्रस्ट एवं देवदूत फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में यह मासिक रक्तदान शिविर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था। निर्धारित चक्रानुक्रम के अनुसार जनवरी और जुलाई माह में मड़ावरा ब्लॉक में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाता है। आयोजकों के अनुसार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ललितपुर ने 16 जून 2026 को पत्रांक 4200 के माध्यम से सीएचसी अधीक्षक को शिविर के सफल संचालन में आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिए थे, लेकिन मौके पर इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ। शिविर में कुल 13 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जिसमें एक यूनिट दुर्लभ ए-नेगेटिव ब्लड ग्रुप भी शामिल रहा।read more:https://pahaltoday.com/the-ceasefire-will-have-global-implications-for-energy-the-economy-and-diplomacy-which-will-be-a-relief-for-the-general-public/इसके अलावा एक व्यक्ति ने देहदान का संकल्प भी लिया। आयोजकों का कहना है कि रक्तदाताओं के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। न तो ट्रस्ट समिति से और न ही ब्लड बैंक टीम से इस संबंध में कोई समन्वय किया गया। इसके अलावा, ग्रामीणों और तीमारदारों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने के लिए सीएचसी केंपस में काउंसलिंग हेतु टेबल लगाने का अनुरोध भी सीएचसी प्रशासन ने स्वीकार नहीं किया। इससे शिविर में जागरूकता अभियान प्रभावित हुआ और संभावित रक्तदाताओं तक संदेश नहीं पहुंच सका। विवाद उस समय और बढ़ गया जब शिविर में रक्तदान करने आये सपाइयों ने बाहर कैंपस/स्थल पर लगाए गए समाजवादी पार्टी के रक्तदान बैनर को हटाने को लेकर अधीक्षक द्वारा आपत्ति जताई गई। आयोजकों के अनुसार, चिकित्सा अधीक्षक के कहने पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बैनर तो हटा लिया, लेकिन विरोधस्वरूप बिना रक्तदान किए ही वापस लौट गए। इससे करीब 25 से 30 यूनिट अतिरिक्त रक्त संग्रहित होने की संभावना समाप्त हो गई। आयोजकों का कहना है कि यदि सीएचसी प्रशासन/स्टाफ द्वारा रक्तदान करने सहित पूरा सहयोग मिलता तो राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर आयोजित यह शिविर कहीं अधिक सफल हो सकता था और कई जरूरतमंद मरीजों के लिए अतिरिक्त रक्त उपलब्ध कराया जा सकता था। स्थानीय लोगों और आयोजकों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की समीक्षा कर भविष्य में रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन के लिए बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की मांग की है।

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