14 साल पुराने NDPS केस में दोषी को सजा, ऑपरेशन कनविक्शन के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी रंग लाई, कोर्ट ने सुनाया फैसला

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आजमगढ़।आजमगढ़ पुलिस के “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत एक बार फिर प्रभावी विवेचना और मजबूत अभियोजन का परिणाम सामने आया है। लगभग 14 वर्ष पुराने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस निर्णय को जनपद पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना है।मामला थाना अतरौलिया क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार 16 मई 2012 को तत्कालीन उप निरीक्षक तेज बहादुर सिंह क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की नियमित चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस टीम ने ग्राम भानीपुर निवासी रमेश मिश्रा पुत्र वृज भूषण मिश्रा को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से लगभग 200 ग्राम अवैध मादक पदार्थ डायजापाम बरामद हुआ।बरामदगी के आधार पर थाना अतरौलिया में अभियुक्त के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 363/2012, धारा 8/22 एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने साक्ष्यों का संकलन करते हुए विस्तृत विवेचना की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।read more:https://pahaltoday.com/on-the-147th-foundation-day-of-the-bjp-workers-lit-lamps-and-paid-tribute-to-great-men/मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्यों और गवाहों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इस मामले में कुल छह गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को सिद्ध माना।एक जुलाई को अपर सत्र न्यायाधीश, एएसजे, तृतीय, आजमगढ़ की अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई के बाद अभियुक्त रमेश मिश्रा को दोषी करार दिया। न्यायालय ने उसे पहले से जेल में बिताई गई अवधि के बराबर एक माह के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 7000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में अभियुक्त को नियमानुसार अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जनपद में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान का उद्देश्य केवल मुकदमा दर्ज करना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण विवेचना, सशक्त साक्ष्य संकलन और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाना है। उन्होंने कहा कि मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा पुराने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर रही है, जिससे वर्षों से लंबित मुकदमों का समयबद्ध निस्तारण हो सके।उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जा रही है। ऑपरेशन कनविक्शन के माध्यम से अपराधियों को सजा दिलाकर कानून के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करने और अपराधियों में कानून का भय स्थापित करने का प्रयास लगातार जारी है।

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