गाजीपुर/ जमानियां। स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्थायी रोजगार से जोड़ने की दिशा में जमानियां विकास खंड में महत्वपूर्ण पहल की गई। मंगलवार को विकास खंड सभागार में आयोजित बैठक में महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी महेंद्र सिंह यादव ने की।बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माणाधीन पेयजल टंकियों के संचालन एवं रखरखाव में प्रशिक्षित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, सरकारी विद्यालयों के बच्चों की ड्रेस की सिलाई का कार्य भी सहायता समूह की महिलाओं को सौंपने की योजना बनाई गई है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।
उपजिलाधिकारी मनोज कुमार पाठक ने महिलाओं के लिए मछली पालन के क्षेत्र में शुरू की गई नई योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक एवं प्रशिक्षित महिलाओं को तालाबों का पट्टा उनके नाम आवंटित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से मछली पालन के लिए अनुदान भी उपलब्ध करा रही है।एसडीएम ने बताया कि जिन महिलाओं के पास कम से कम पांच वर्ष की शेष अवधि वाला पट्टे का तालाब होगा, वे ‘सघन मत्स्य पालन हेतु एयिरेशन सिस्टम स्थापना योजना’ का लाभ ले सकती हैं। इसके लिए विभागीय पोर्टल पर सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। आवेदन पत्रों की जांच के बाद पात्र महिलाओं का चयन किया जाएगा।उन्होंने कहा कि गाजीपुर जनपद मछली उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में किसान खेतों में तालाब बनाकर मत्स्य पालन कर रहे हैं तथा मछुआ समुदाय की भी बड़ी आबादी निवास करती है। सरकार चाहती है कि अब महिलाएं भी इस व्यवसाय से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करें।read more:https://pahaltoday.com/khalsa-srcc-and-ramjas-college-win-in-pspb-baba-deep-singh-basketball/बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार, दिग्विजय कुमार, उमेंद्र सिंह, उर्दू बाबू वाजहतुल्ला सिद्दीकी, दिनेश कुमार, सुषमा देवी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।