गोरखपुर की बेटी श्वेतिमा ने रचा इतिहास, विश्व रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

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नई दिल्ली। गोरखपुर की प्रतिभाशाली अंतर्राष्ट्रीय बाल व्यास श्वेतिमा माधव प्रिया ने आध्यात्मिक जगत में एक नया इतिहास रचते हुए अपना नाम एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज करा लिया है। संस्था ने उन्हें विश्व की सबसे कम आयु की अंतर्राष्ट्रीय बाल भागवत कथा वाचिका के रूप में आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड धारक घोषित करते हुए सम्मानित किया है। इस उपलब्धि से गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ा है।read more:https://pahaltoday.com/complex-disease-care/एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा जारी प्रमाणपत्र के अनुसार श्वेतिमा माधव प्रिया ने अपनी अल्पायु में ही आध्यात्मिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने देश और विदेश में आयोजित 36 श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह तथा 100 से अधिक धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में कथा वाचन कर लाखों श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण के माध्यम से धर्म, संस्कृति, नैतिकता, मानवता और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया है। उनकी ओजस्वी वाणी, शास्त्रों के गहन अध्ययन और सहज प्रस्तुति ने उन्हें कम समय में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। श्वेतिमा माधव प्रिया, सौहार्द शिरोमणि संत डॉ. सौरभ पाण्डेय एवं देहदानी डॉ. रागिनी पाण्डेय की सुपुत्री हैं। बचपन से ही आध्यात्मिक वातावरण में पली-बढ़ी श्वेतिमा ने अपने समर्पण, नियमित अध्ययन और साधना के बल पर यह विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त की है। उनकी इस सफलता को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के वैश्विक प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।श्वेतिमा की इस उपलब्धि पर संत-महात्माओं, धर्माचार्यों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि वह भविष्य में भी अपनी आध्यात्मिक प्रतिभा से देश और दुनिया में भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ाती रहेंगी।

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