सोनभद्र। भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना द्वारा कथित हमले और तीन भारतीय नाविकों की मौत के विरोध में गुरुवार को संयुक्त वामदलों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर घटना की निंदा की गई तथा केंद्र सरकार से कड़ा रुख अपनाने की मांग की गई।read more:https://pahaltoday.com/mandal-president-celebrated-the-foundation-day-of-bjp/वामपंथी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर अमेरिकी नौसेना द्वारा किया गया हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों और स्वतंत्र नौवहन के सिद्धांतों के खिलाफ है। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए मृत नाविकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की। ज्ञापन में कहा गया कि ऐसी घटनाएं संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों की भावना के विपरीत हैं। वामदलों ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारत की विदेश नीति स्वतंत्र और राष्ट्रीय हितों पर आधारित होनी चाहिए तथा किसी भी विदेशी दबाव से मुक्त रहनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मृत नाविकों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए, घटना के लिए जिम्मेदार पक्ष के खिलाफ भारत सरकार कड़ा कूटनीतिक विरोध दर्ज कराए तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए। ज्ञापन में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बताया गया। प्रदर्शन कार्यक्रम में भाकपा के जिला सचिव आर.के. शर्मा, माकपा के जिला मंत्री नन्द लाल आर्या, किसान सभा के नेता प्रेमनाथ, राजबली, उदय प्रकाश, राम बचन, लाल बहादुर सहित बड़ी संख्या में वामपंथी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।