बहराइच ( पयागपुर )। नगर पंचायत पयागपुर में मंगलवार को आयोजित बोर्ड बैठक उस समय विवादों में घिर गई, जब 11 सभासदों ने सामूहिक रूप से बैठक का बहिष्कार कर दिया। बहिष्कार करने वाले सभासदों ने नगर पंचायत अध्यक्ष पर मनमानीपूर्ण कार्यशैली अपनाने, जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने और विकास कार्यों में पारदर्शिता न बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं।सभासदों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि अध्यक्ष द्वारा लगातार क्षेत्रीय समस्याओं और जनभावनाओं की उपेक्षा की जा रही है, जिससे कई वार्डों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं लंबे समय से अधूरी पड़ी हैं, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।सभासदों का आरोप है कि कई बार बोर्ड बैठकों में मुद्दे उठाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और जनप्रतिनिधियों को जनता के सवालों का सामना करना पड़ रहा है।प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि बोर्ड की कार्यवाही में पारदर्शिता का अभाव है और कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर नियमों की अनदेखी कर निर्णय लिए जा रहे हैं। सभासदों के अनुसार, उनकी राय और आपत्तियों को दरकिनार करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।read more:https://pahaltoday.com/complex-disease-care/कर्मचारियों की नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। सभासदों ने आरोप लगाया कि नियुक्तियों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा और अपारदर्शी तरीके से फैसले लिए जा रहे हैं।सभासदों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि नगर पंचायत में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित सुनिश्चित करना है। उन्होंने नियमित बोर्ड बैठकों के आयोजन, सभी सदस्यों की सहभागिता और सर्वसम्मति से निर्णय लेने की मांग की है।मामला अब स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है और लोगों की नजरें नगर पंचायत प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।