बाराबंकी। जिले में 2ण्27 करोड़ रुपये के कथित जमीन सौदे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मध्य प्रदेश कैडर के एक प्च्ै अधिकारी के पिता ने नगर कोतवाली में मोटल एवं रियल एस्टेट कारोबारी समेत कई लोगों के खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने जमीन खरीदने के लिए अपना सोना बेचकर 2ण्27 करोड़ रुपये दिए थेए लेकिन जमीन किसी और को बेच दी गई और उनकी रकम हड़प ली गई। वहीं दूसरी ओर आरोपी कारोबारी ने आरोपों को निराधार बताते हुए पूरे मामले को वित्तीय लेनदेन का विवाद बताया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ रोड स्थित मयूर विहार कॉलोनी निवासी राधाकांत शुक्ला ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वर्ष 2018 से 2024 के बीच उन्होंने मयूर विहार कॉलोनी में मुख्य मार्ग से जुड़ी करीब 13ए150 वर्गफीट भूमि खरीदने के लिए कुल 2 करोड़ 27 लाख रुपये दिए थे। शिकायत के अनुसार यह रकम विवेक गुप्ताए निवेद प्रताप सिंह ;गोलूद्ध तथा भावना रानी को विभिन्न माध्यमों से दी गई थी। आरोप है कि जमीन दिलाने का आश्वासन देकर उनसे करोड़ों रुपये लिए गएए लेकिन बाद में उसी जमीन को अन्य लोगों को अधिक कीमत पर बेच दिया गया। राधाकांत शुक्ला का कहना है कि जमीन खरीदने के लिए यह रकम उन्होंने परिवार का सोना बेच कर दिया था। जब उन्हें जमीन किसी और को बेचे जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि आरोपियों ने पहले उन्हें आश्वासन दिया कि सोने की बढ़ी हुई कीमत के अंतर सहित धनराशि लौटा दी जाएगीए लेकिन बाद में संपर्क करना बंद कर दिया। शिकायतकर्ता के मुताबिकए जब उन्होंने जमीन नहीं मिलने पर अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने उन्हें कुछ धनराशि लौटाने की बात कही। उनका दावा है कि उन्हें 1 करोड़ 5 लाख रुपये वापस मिलेए लेकिन तब तक सोने की कीमत करीब ढाई गुना बढ़ चुकी थीए जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ। राधाकांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि शेष धनराशि वापस नहीं की गई और लगातार टालमटोल की जाती रही। उनका यह भी कहना है कि आरोपियों ने उनके पैसे का निवेश विदेशए विशेषकर दुबई में किया है।read more:https://pahaltoday.com/barabanki-festival-will-be-inaugurated-from-april-10/ तहरीर में आरोप लगाया गया है कि निवेद प्रताप सिंह ने दुबई से अपने एक कारोबारी सहयोगी विशाल को बाराबंकी बुलाकर भुगतान का आश्वासन दिलाया था। शिकायतकर्ता के अनुसार 7 अप्रैल 2026 को मयूर होटल में हुई मुलाकात में 15 दिनों के भीतर भुगतान का भरोसा दिया गयाए लेकिन अब तक रकम वापस नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि आरोपी विदेश में कारोबार स्थापित कर चुके हैं और जल्द ही स्थायी रूप से दुबई शिफ्ट होने की तैयारी में हैं। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के पासपोर्ट जब्त कर कार्रवाई की मांग की है। राधाकांत शुक्ला का आरोप है कि आरोपियों की ओर से हाल ही में एक करोड़ रुपये की चेक दी गई थीए जबकि इससे पहले भी एक चेक जारी की गई थी। लेकिन बैंक खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक का भुगतान नहीं हो सका। उनका कहना है कि अब उन्हें आरोपियों की ओर से किसी भी भुगतान आश्वासन पर भरोसा नहीं है और इसलिए उन्होंने कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया है। मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी कारोबारी निवेद प्रताप सिंह ;गोलूद्ध ने शिकायतकर्ता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। निवेद प्रताप सिंह का कहना है कि पिछले चार वर्षों में राधाकांत शुक्ला द्वारा उनके खाते में लगभग 1 करोड़ 27 लाख रुपये भेजे गए थे। जमीन का सौदा निरस्त होने के बाद 1 करोड़ 5 लाख रुपये वापस किए जा चुके हैं और केवल 22 लाख रुपये का भुगतान शेष है। कारोबारी का आरोप है कि शिकायतकर्ता शेष रकम के अलावा लगभग एक करोड़ रुपये अतिरिक्त ब्याज की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसी बात का दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। चेक में ओवरराइटिंग का भी लगाया आरोप निवेद प्रताप सिंह ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ 30 लाख रुपये की चेक दी थीए जिसमें कथित रूप से ओवरराइटिंग कर रकम को 90 लाख रुपये दिखाने का प्रयास किया गया। उनका दावा है कि इसी कारण बैंकिंग प्रक्रिया में विवाद उत्पन्न हुआ और चेक का भुगतान नहीं हो सका। पुलिस जांच पर टिकी निगाहें इस हाई प्रोफाइल मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है। जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।