सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहारनपुर दौरे के दौरान जनता देश संगठन (जेडीएस) के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश कुमार (फौजी) समेत कई पदाधिकारियों को संगठन कार्यालय पर नजरबंद किए जाने का मामला सामने आया है। संगठन ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है।read more:https://pahaltoday.com/new-kotwal-shailesh-kumar-rai-took-charge-of-bhadohi-kotwali/
जेडीएस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सोमवार को आईटीसी रोड स्थित संगठन कार्यालय पर प्रशासन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश कुमार (फौजी) और अन्य पदाधिकारियों की गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए उन्हें दिनभर कार्यालय तक सीमित रखा। संगठन का दावा है कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए यह कदम उठाया गया। संगठन की राष्ट्रीय महासचिव एवं महिला विंग की अध्यक्षा एडवोकेट पिंकी पवन शिंदे ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को बिना किसी स्पष्ट कारण के नजरबंद करना लोकतांत्रिक मूल्यों और मौलिक अधिकारों के विपरीत है। उन्होंने इसे आम नागरिकों की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने वाला कदम बताया। प्रेस विज्ञप्ति में संगठन के मुख्य सलाहकार राजेश्वर दास सैनी और प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बर्मन ने भी प्रशासनिक कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जनता देश संगठन पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर जनता की आवाज उठाता रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश कुमार (फौजी) ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नजरबंद करना समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं और अधिकारों की आवाज उठाना संगठन का उद्देश्य है और यह कार्य आगे भी जारी रहेगा। उधर, प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं जारी हैं। जेडीएस पदाधिकारियों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे।