महाराजा सुहेलदेव विजय उत्सव का भव्य समापन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

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बहराइच। चक्रवर्ती सम्राट राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव जी के विजय उत्सव के अवसर पर ज्येष्ठ माह में स्मारक स्थल पर आयोजित दो दिवसीय भव्य कार्यक्रम का रविवार देर शाम सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि सांसद बहराइच डॉ. आनन्द कुमार गोंड रहे, जिन्होंने अन्य अतिथियों के साथ महाराजा सुहेलदेव जी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।read more:https://khabarentertainment.in/chief-minister-nayab-singh-saini-praised-the-courage-and-contribution-of-women-journalists/इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक राज किशोर, जिला कार्यवाहक भूपेन्द्र जी, भाजपा उपाध्यक्ष रणविजय सिंह, गोसेवा आयोग सदस्य राजेश सिंह सेंगर, सुहेलदेव सेवा समिति के अध्यक्ष यशवेन्द्र विक्रम सिंह, सचिव दिलीप कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम से पूर्व मुख्य अतिथि ने स्मारक परिसर में विभिन्न विभागों—राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, उद्योग, खादी ग्रामोद्योग, रेशम, स्वास्थ्य, बैंकिंग, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, मत्स्य, हथकरघा, सूचना एवं संस्कृति विभाग—द्वारा लगाए गए स्टॉल और फूड कोर्ट का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। समारोह के अंतिम दिन विशाल कवि सम्मेलन और महाराजा सुहेलदेव जी के जीवन चरित्र पर आधारित परिचर्चा आयोजित की गई। इसके बाद संस्कृति विभाग के पंजीकृत दलों द्वारा लोकगायन, नृत्य, भजन और देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। विजयोत्सव में प्रतिभाग करने वाले कलाकारों, आयोजन में सहयोग देने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों और विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों को जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी एवं मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता द्वारा अंगवस्त्र, प्रमाण-पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समापन अवसर पर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, जनप्रतिनिधियों, सुहेलदेव स्मारक समिति और मीडिया के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य महाराजा सुहेलदेव के त्याग, पराक्रम और बलिदान की गाथा को जन-जन तक पहुंचाना है। वंदे मातरम् और गायत्री मंत्र के सामूहिक गायन के साथ दो दिवसीय विजय उत्सव कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को देशभक्ति और सांस्कृतिक रंग में रंग दिया।

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