बहराइच। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर रविवार देर शाम पौराणिक चित्तौरा झील तट पर सरयू नदी पूजन-अर्चन के साथ जल एवं पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया। महाराजा सुहेलदेव सेवा समिति, जिला प्रशासन एवं जिला पर्यटन-संस्कृति परिषद बहराइच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालु, पर्यावरणविद और अधिकारी मौजूद रहे।read more:https://worldtrustednews.in/congressmen-attracted-to-the-cockroach-janata-party-desperate-for-alliance/कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता ने कहा कि “जल ही जीवन है” और सभी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो, इसके लिए नदियों, तालाबों और झीलों की नियमित साफ-सफाई और संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। पीडी डीआरडीए मनीष कुमार ने कहा कि जल संकट से बचने के लिए नदियों का सामूहिक रखरखाव और भूमिगत जल स्तर बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना होगा। महामना मालवीय मिशन (अवध) के अध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। नदी, झील और तालाबों के किनारों पर पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण कर उन्हें संरक्षित किया जा रहा है। महाराजा सुहेलदेव सेवा समिति के सचिव दिलीप कुमार अर्जुन ने कहा कि चित्तौरा झील के संरक्षण के लिए प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें जनसहभागिता बेहद जरूरी है। महंत स्वामी विष्णु देवाचार्य जी महाराज के नेतृत्व में सरयू तट पर पूजन-अर्चन कर सामूहिक प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” की कामना की गई। कार्यक्रम का संचालन कार्यकारी अध्यक्ष कृष्ण मोहन गोयल ने किया। इस अवसर पर गो सेवा आयोग सदस्य राजेश सिंह सेंगर, मुख्य राजस्व अधिकारी सौरभ दुबे, नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद, उपायुक्त श्रम रोजगार रवि शंकर पाण्डेय, पर्यावरणविद डॉ. पंकज श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने जल और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम ने समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का मजबूत संदेश दिया l