मातृशक्ति सम्मेलन में महिलाओं ने लिया संस्कृति संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का संकल्प

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गाजीपुर। विश्व हिन्दू परिषद मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी गाधिपुरी इकाई के तत्वावधान में रविवार को जिला पंचायत सभागार कचहरी गाजीपुर में महिला जागरूकता सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिले भर से बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता कर सामाजिक जागरूकता, परिवार व्यवस्था, महिला सशक्तिकरण तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण को लेकर एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों से ओतप्रोत रहा।सम्मेलन में महिलाओं को समाज में बढ़ती चुनौतियों, परिवारिक विघटन, नैतिक मूल्यों में गिरावट तथा युवाओं में संस्कारों की आवश्यकता जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज को मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और मातृशक्ति यदि जागरूक होकर आगे बढ़े तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।कार्यक्रम में जिला संयोजिका मातृशक्ति ज्योत्सना श्रीवास्तव की सक्रिय भूमिका विशेष रूप से चर्चा का केंद्र रही। उन्होंने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। महिलाओं को केवल परिवार तक सीमित न रहकर सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद एवं मातृशक्ति संगठन लगातार महिलाओं को जागरूक करने, संस्कारों को मजबूत करने तथा सामाजिक समरसता स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने महिलाओं से समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का आह्वान किया। सम्मेलन के सफल आयोजन में उनकी भूमिका की उपस्थित महिलाओं एवं अतिथियों ने सराहना की।
मुख्य अतिथि उच्च न्यायालय प्रयागराज की वरिष्ठ अधिवक्ता स्वाति अग्रवाल ने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती महिलाओं की जागरूकता और शिक्षा पर निर्भर करती है। उन्होंने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के साथ-साथ आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता विकसित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षित और जागरूक महिला ही परिवार और समाज को नई दिशा देने का कार्य कर सकती है।विशिष्ट अतिथि उमा सिंह आजमगढ़ ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को सदैव सर्वोच्च स्थान प्राप्त रहा है।read more:https://pahaltoday.com/demand-for-construction-of-pwd-road-was-raised-in-the-village-chaupal-district-development-officer-heard-the-grievances-of-the-villagers/
उन्होंने कहा कि महिलाओं को संगठित होकर समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में कार्य करना चाहिए। समाज में संस्कार, अनुशासन और सामाजिक एकता बनाए रखने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं अनीता सिंह सह संयोजिका मातृशक्ति विश्व हिन्दू परिषद काशी प्रांत ने कहा कि परिवार और संस्कृति की मजबूती महिलाओं की जागरूकता से ही संभव है। उन्होंने महिलाओं से सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों को मजबूत करने तथा युवा पीढ़ी को संस्कारित बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।महिला मोर्चा अध्यक्ष एवं समाजसेवी मधु यादव ने कहा कि आज महिलाओं को सामाजिक जागरूकता के साथ आत्मनिर्भर बनने की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं यदि संगठित होकर समाजहित में कार्य करें तो अनेक सामाजिक समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने युवतियों एवं महिलाओं से शिक्षा, सामाजिक सहभागिता और आत्मविश्वास को बढ़ाने का आह्वान किया।जिला सह संयोजिका दुर्गावाहिनी रीमा खरवार ने महिलाओं को आत्मरक्षा, सामाजिक चेतना तथा संगठनात्मक मजबूती के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता सबसे आवश्यक है।सम्मेलन के दौरान उपस्थित महिलाओं ने समाज में जागरूकता फैलाने, भारतीय संस्कृति एवं पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण तथा सामाजिक समरसता को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया गया। सम्मेलन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

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