देश के 19 राज्यों में बिगड़ेगा मौसम का मिजाज, भूस्खलन का खतरा

Share

 नई दिल्ली। मई के महीने में गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट बदलने वाला है। पिछले कुछ दिनों से आसमान साफ रहने के बाद मौसम विभाग ने एक बार फिर देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। 12 मई को उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा सहित कुल 19 राज्यों में खराब मौसम का अलर्ट है। विभाग ने आगाह किया है कि इस दौरान न केवल बारिश होगी, बल्कि कई स्थानों पर बिजली गिरने (वज्रपात) की भी संभावना है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि भारी बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में फिलहाल ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा टालना ही बेहतर होगा। राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में भी मध्यम बारिश के साथ धूलभरी आंधी चलने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि बारिश के आसार हैं, लेकिन दिल्ली का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।read more:https://pahaltoday.com/dm-arvind-kumar-chauhan-inspected-maa-shakambhari-university-and-expressed-displeasure-over-the-slow-pace-of-construction-work/ वहीं बिहार और झारखंड में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। बिहार के चंपारण, गोपालगंज, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जो किसानों की फसलों के लिए चिंता का विषय बन सकता है। झारखंड के गिरडीह और बोकारो जैसे जिलों में भी आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पौड़ी गढ़वाल में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में भी मौसम बिगड़ने के आसार हैं। मैदानी इलाकों में पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और बठिंडा जैसे शहरों में गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। इसके अलावा राजस्थान के बाड़मेर, जोधपुर और अलवर समेत मध्य प्रदेश के इंदौर, छतरपुर और सिंगरौली जिलों में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या जर्जर इमारतों के नीचे शरण लेने से बचें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *