भूमि अर्जन से संबंधित गतिमान परियोजनाओं की प्रगति की जिलाधिकारी ने की समीक्षा

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गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में भूमि अर्जन से संबंधित विभिन्न गतिमान परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा हेतु जिलाधिकारी गाजियाबाद श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन) श्री अवनीश सिंह, एआईजी स्टाम्प तथा विभिन्न विभागों एवं परियोजनाओं से संबंधित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। समीक्षा के दौरान आरआरटीएस-1 (एनसीआरटीसी), आरआरटीएस-2 (एनसीआरटीसी), ईस्टर्न डीएफसीसी रेलवे परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-709बी दिल्ली यूपी गेट से बागपत मार्ग (एनएचएआई), हापुड़-मुरादाबाद एनएच-24 चौड़ीकरण परियोजना, नार्दर्न पेरिफेरल रोड योजना (जीडीए), इंटीग्रेटेड टाउनशिप योजना (जीडीए) तथा 04 लेन रेल उपरिगामी सेतु निर्माण परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।read more:https://worldtrustednews.in/a-review-meeting-of-the-prime-ministers-adarsh-gram-yojana-was-held-under-the-chairmanship-of-cdo-bal-govind-shukla/बैठक के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग एवं कार्यदायी संस्थाएं परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी परियोजना के क्रियान्वयन में जनपद स्तर से संबंधित कोई समस्या अथवा अवरोध उत्पन्न हो रहा हो तो उसे तत्काल लिखित रूप में अवगत कराया जाए, जिससे उसका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि भविष्य में यदि किसी परियोजना का कार्य निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण नहीं होता है तथा संबंधित द्वारा पूर्व में किसी समस्या की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो संबंधित अधिकारी/संस्था की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं संस्थाओं से अपेक्षा की कि परियोजनाओं के सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु आवश्यक समन्वय बनाए रखें तथा आवश्यकता पड़ने पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर भी समस्याओं से अवगत कराएं, जिससे विकास कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक विलंब की स्थिति उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन किसानों की भूमि अधिग्रहण की गयी है या योजना में ली जा रही है, उनके प्रतिकर का भुगतान समयबद्ध तरीके से किया जाएं जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या ना हो।

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