गाजीपुर | थाना करण्डा क्षेत्र के कटरिया गांव में उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान अचानक हिंसा भड़क उठी। पुलिस टीम पर जमकर पत्थरबाजी की गई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, यह पूरा विवाद 15 अप्रैल को जमानिया-धरम्मरपुर पुल के पास मिली एक युवती की संदिग्ध मौत से जुड़ा है। मौके से युवती की चप्पल, मोबाइल और गमछा बरामद हुआ था, जबकि बाद में उसकी लाश नदी से मिली। मृतका की पहचान निशा शर्मा के रूप में हुई थी। इस मामले में पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।read more:https://khabarentertainment.in/tehsil-level-dharti-mata-bachao-monitoring-committeefertilizer-monitoring-committee-meeting-and-farmer-registry-workshop-were-organized/
इसी प्रकरण को लेकर 22 अप्रैल को सपा का प्रतिनिधिमंडल कटरिया गांव पहुंचा था। आरोप है कि पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान कुछ अराजक तत्वों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल हिंसक हो गया और गांव में भगदड़ मच गई। घटना में क्षेत्राधिकारी नगर, थाना करण्डा प्रभारी और कोतवाली प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की। थाना करण्डा में मुकदमा संख्या 57/2026 के तहत बीएनएस और सीएलए एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में सत्या यादव उर्फ रामजन्म यादव, लाल बाबू यादव, मोहम्मद इरफान, शाह मोहम्मद, जीवन यादव, विगनाथ यादव, सितान्शु कुमार गौड़, अनिल यादव, सत्येन्द्र यादव और सुभाष यादव शामिल हैं।
पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी संतोष कुमार पाठक के नेतृत्व में की गई, जिसमें उपनिरीक्षक राजेश कुमार सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।
फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है, ताकि किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।