शेरकोट। शेरकोट-काशीपुर (उत्तराखंड) मार्ग पर यात्रियों को लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। इस व्यस्त मार्ग पर आज तक यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण नहीं हो सका है, जिससे यात्रियों को कड़ी धूप, सर्द हवाओं और बरसात के बीच सड़क किनारे खड़े होकर बसों व अन्य सवारियों का इंतजार करना पड़ता है।इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग आवागमन करते हैं। इनमें छात्र-छात्राएं, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और ग्रामीण क्षेत्रों के आमजन शामिल हैं। सुबह और शाम के समय यहां यात्रियों की भीड़ अधिक रहती है, लेकिन बैठने, छाया या बारिश से बचाव की कोई व्यवस्था न होने के कारण लोगों को भारी असुविधा झेलनी पड़ती है।स्थानीय निवासी नाजिम मलिक ने बताया कि शेरकोट-धामपुर मार्ग पर नगरपालिका द्वारा कुछ वर्ष पूर्व यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया गया था, जिससे उस ओर के यात्रियों को काफी राहत मिली है। लेकिन इसके विपरीत शेरकोट-काशीपुर मार्ग पर आज तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम के दौरान यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। गर्मियों में तेज धूप और लू के कारण लोगों का खड़ा रहना मुश्किल हो जाता है, जबकि सर्दियों में ठंड और कोहरे के बीच इंतजार करना पड़ता है।बरसात के मौसम में स्थिति और भी दयनीय हो जाती है। सड़क किनारे खड़े यात्रियों को भीगते हुए बसों का इंतजार करना पड़ता है, जिससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को अधिक परेशानी होती है। कई बार लोग आसपास की दुकानों या अस्थायी छायादार स्थानों का सहारा लेने को मजबूर हो जाते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से दर्जनों रोडवेज बसें, प्राइवेट बसें और अन्य वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं, जो यात्रियों को लाने-ले जाने का काम करते हैं। बावजूद इसके अब तक यहां यात्री सुविधा के नाम पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।शुभम चौहान, बलदेव सिंह, जमशेद, वीरबाला, ज्योति देवी और नाजमा परवीन सहित अन्य नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि यात्रियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए शेरकोट-काशीपुर मार्ग पर जल्द से जल्द यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि एक प्रतीक्षालय बनने से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार होगा।