लखनऊ/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश एटीएस ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दुबई में बैठे आरोपी आकिब और आजाद के पासपोर्ट निरस्त करा दिए हैं। दोनों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया गया है, जिससे उनके भारत लौटते ही गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके। सोशल मीडिया से खुला आतंकी मॉड्यूलएटीएस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हथियारों के साथ वीडियो साझा किए थे, जिनमें AK-47 और हैंड ग्रेनेड जैसे घातक हथियार दिखाई दे रहे थे। इन्हीं वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू हुई और एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। ISI से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
जांच एजेंसियों के मुताबिक, दोनों आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर्स के संपर्क में थे। वे सोशल मीडिया के माध्यम से रेकी, लोकेशन शेयरिंग और ऑडियो क्लिप्स का आदान-प्रदान कर रहे थे।
“King Devil 315” और “Royal Soakib” नाम के अकाउंट्स से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनसे पूरे मॉड्यूल की गतिविधियों का पता चला।रेलवे को निशाना बनाने की साजिशएटीएस ने खुलासा किया है कि आरोपी रेलवे ट्रैक के सिग्नल बॉक्स को उड़ाने की साजिश रच रहे थे, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान और अफरा-तफरी फैल सकती थी। विदेश से फंडिंग का शक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से 1.5 से 2 लाख रुपये तक की फंडिंग मिली हो सकती है, जिसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किया जाना था। गृह मंत्रालय के सहयोग से दोनों आरोपियों को भारत लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। एटीएस का दावा है कि इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि सोशल मीडिया के जरिए फैल रहे संदिग्ध नेटवर्क पर एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी खतरे को समय रहते निष्क्रिय करने के लिए सक्रिय हैं।