फर्रुखाबाद की भोजपुर विधानसभा आगामी चुनावों को लेकर बिछ रही सियासी बिसात में अब नए समीकरण उभरने लगे हैंहमारे संवाददाता ने खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय समाजवादी पार्टी के महासचिव शिवपाल यादव से की बात के आधार पर ये रिपोर्ट राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि यदि विपक्षी गठबंधन का स्वरूप तय होता है, तो भोजपुर विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है। अब तक भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर गठबंधन की इस ‘नई थ्योरी’ ने सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों खेमों में हलचल तेज कर दी है।सीट शेयरिंग का नया फॉर्मूला?सूत्रों की मानें तो गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर जो शुरुआती दौर की चर्चाएं हुई हैं, उनमें भोजपुर सीट पर कांग्रेस की दावेदारी को सबसे मजबूत माना जा रहा है। इसका मुख्य कारण क्षेत्र में कांग्रेस का बढ़ता जनाधार और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि गठबंधन के सहयोगी दल एकजुट होकर एक साझा उम्मीदवार मैदान में उतारते हैं, तो यहां मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा हो सकता है।क्यों कांग्रेस की दावेदारी है मजबूत?क्षेत्रीय सक्रियता: बीते कुछ समय में कांग्रेस ने इस विधानसभा क्षेत्र में अपनी जमीनी पकड़ मजबूत की है। पिछली विधानसभा चुनाव में अर्चना राठौर ने चुनाव लड़ा चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा उसके बाद से आज तक इस विधानसभा में अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार लोगों के बीच में पहुंच रही है लोगों की समस्याओं को सुन कर शासन तक अपनी बात पहुंचाना मीडिया की सुर्खियों में रहना इसका भी एक मुख्य कारण है अभी हाल ही में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का फर्रुखाबाद में आगमन हुआ जिसमें भोजपुर विधानसभा में जबरदस्त लोगों में उत्साह देखा गया और उनका जबरदस्त स्वागत हुआ प्रदेश कमेटी से लेकर हाई कमान तक इसकी चर्चा हुई वहीं समाजवादी पार्टी भी लगातार इस विधान सभा पर अपनी दावेदारी पेश करती हुई नजर आ रही है