बहराइच में 40.51 लाख की आबादी का बन रहा हेल्थ रिपोर्ट कार्ड

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बहराइच l नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की बुनियाद मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। जिले की करीब 40.51 लाख आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए 3794 आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर ‘विलेज हेल्थ इंडेक्स रजिस्टर’ (वीएचआईआर) सर्वे के तहत हर परिवार की सेहत की कुंडली तैयार कर रही हैं। यह सर्वे महज आंकड़ों का संकलन नहीं है, बल्कि पूरे साल गांव की चिकित्सकीय जरूरतों और मातृ-शिशु स्वास्थ्य की दशा-दिशा तय करने का मुख्य आधार है।
डीसीपीएम मो0 राशिद के अनुसार, इस सर्वे के तहत प्रत्येक आशा कार्यकर्ता हर छह माह में अपने क्षेत्र के परिवारों का विवरण दर्ज करती है। इसी आधार पर 15–49 वर्ष के योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन, गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण व चार अनिवार्य जांचें, 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का सम्पूर्ण टीकाकरण और कुपोषित बच्चों की पहचान सुनिश्चित की जाती है।read more:https://khabarentertainment.in/ks-childrens-academys-class-10th-exam-result-was-very-proud/ उच्च जोखिम वाली गर्भवती और कम वजन वाले नवजातों की विशेष निगरानी भी इसी से होती है। इसके अलावा संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग कर जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्था  के लिए रेफरल भी सुनिश्चित किया जाता है। सर्वेक्षण की गुणवत्ता जांचने का जिम्मा 156 आशा संगिनियों को सौंपा गया है। बीते वर्ष इन मोर्चों पर दिखी वीएचआईआर की सार्थकता- स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वीएचआईआर सर्वे और ई-कवच की निरंतर निगरानी के चलते बीते वित्तीय वर्ष जिले में 140296 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, 100952 महिलाओं का सुरक्षित संस्थागत प्रसव तथा 125036 बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित किया गया। “आशा कार्यकर्ताओं द्वारा भरे जा रहे इस ऑफलाइन रजिस्टर का संपूर्ण डेटा ‘ई-कवच’ पोर्टल पर ऑनलाइन भी फीड किया जा रहा है। इस डिजिटल डेटाबेस के उपलब्ध होने से जिले से लेकर राज्य स्तर तक के अधिकारी स्वास्थ्य योजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और उनका सटीक क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सकेंगे।“

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