बिजनौर। स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर व्यवस्था के खिलाफ मंगलवार को जिला मुख्यालय पर लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। डी.के. फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस के बैनर तले दर्जनों लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के नेशनल डिप्टी चीफ रिपोर्टिंग ऑफिसर मुस्तकीम अहमद ने किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर में लागू प्रीपेड प्रणाली आमजन, विशेषकर गरीब, मजदूर और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए गंभीर समस्या बन गई है।read more:https://khabarentertainment.in/police-rescued-10-pilgrims-who-had-strayed-into-the-vijaygarh-fort-forest/उन्होंने कहा कि क्षेत्र का अधिकांश वर्ग दैनिक मजदूरी और छोटे व्यवसायों पर निर्भर है, ऐसे में बिजली के लिए अग्रिम भुगतान करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। आरोप है कि मामूली बैलेंस समाप्त होते ही बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति काट दी जाती है, जिससे घरों में अंधेरा छा जाता है। इसका असर बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों की देखभाल पर भी पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रीपेड व्यवस्था को जनविरोधी बताते हुए इसे तत्काल समाप्त कर पूर्व की पोस्टपेड प्रणाली बहाल करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।