गाजीपुर पुलिस के SPEL प्रोग्राम से युवाओं की बदली सोच, पुलिस-जन सहयोग को मिला नया आयाम

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गाजीपुर। जनपद में युवाओं और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में गाजीपुर पुलिस का Student Police Experiential Learning (SPEL) Programme प्रभावी साबित हो रहा है। इसी क्रम में सोमवार को पुलिस लाइन्स सभागार में SPEL कार्यक्रम के तृतीय चरण की प्रगति की समीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यक्रम की उपलब्धियों और प्रभाव पर विस्तार से चर्चा हुई।गोष्ठी की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक (नियम एवं ग्रंथ), उत्तर प्रदेश एल. वी. एंटनी देव कुमार ने की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक गाजीपुर डॉ ईरज राजा, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ राकेश कुमार मिश्र सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में एनएसएस के जिला नोडल अधिकारी मनीष कुमार सोनकर एवं डॉ साधना मौर्या के साथ SPEL में भाग लेने वाले छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए।भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के सहयोग से संचालित इस 30 दिवसीय कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को पुलिस कार्यप्रणाली की गहन जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के अंतर्गत 20 दिन थानों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण, 6 दिन विभिन्न शाखाओं का भ्रमण एवं ब्रीफिंग तथा 4 दिन रिपोर्ट लेखन शामिल रहा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कानून एवं आपराधिक प्रक्रिया, अपराध अनुसंधान, यातायात प्रबंधन, साइबर अपराध, मानव तस्करी, महिला सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें पुलिस लाइन्स, साइबर थाना, महिला थाना, एएचटीयू, यूपी-112, नारकोटिक्स सेल एवं मीडिया सेल का भ्रमण भी कराया गया।read more:https://worldtrustednews.in/celebrated-the-birth-anniversary-of-lord-munisuvratanath-swami/
जनपद के पांच प्रमुख महाविद्यालयों स्वामी सहजानंद परास्नातक महाविद्यालय, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजकीय महिला डिग्री कॉलेज सैदपुर, बापू महाविद्यालय सादात एवं शहीद स्मारक राजकीय डिग्री कॉलेज के कुल 50 छात्र-छात्राओं ने इस कार्यक्रम में सहभागिता की। इन्हें कोतवाली, सैदपुर, मुहम्मदाबाद तथा सादात थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में शामिल छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण से पूर्व उनके मन में पुलिस विभाग को लेकर कई भ्रांतियां थीं, जो इस कार्यक्रम के दौरान दूर हो गईं। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली, चुनौतियों और जिम्मेदारियों को नजदीक से समझा और जाना कि पुलिस कर्मी 24 घंटे जनसेवा में लगे रहते हैं। इस अनुभव से उनकी सोच में सकारात्मक बदलाव आया है।गोष्ठी को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं को जनजागरूकता अभियानों, सामाजिक गतिविधियों और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए बताया कि भर्ती पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जा रही है तथा युवाओं से पुलिस सेवा में आकर जनसेवा करने का आह्वान किया।गाजीपुर पुलिस निष्पक्ष, पारदर्शी और उत्तरदायी कार्यप्रणाली के साथ आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और जनहित में किए जा रहे सतत प्रयासों से नागरिकों में विश्वास और सुरक्षा की भावना लगातार मजबूत हो रही है।इस अवसर पर प्रतिसार निरीक्षक, सहायक नोडल अधिकारी उपनिरीक्षक शहीर सिद्दीकी थाना मरदह, मुख्य उपनिरीक्षक पल्लवी सिंह थाना कोतवाली, उपनिरीक्षक मनोज पाण्डेय थाना सैदपुर, उपनिरीक्षक सुरेन्द्र राम मिश्र थाना सादात, उपनिरीक्षक अरविंद कुमार थाना मुहम्मदाबाद सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।read more:https://worldtrustednews.in/voices-raised-in-support-of-small-and-medium-newspapers-demand-for-fair-distribution-of-government-advertisements-intensifies/

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