श्री राम कथा के प्रथम दिन कथा वाचक सर्वेश जी महाराज ने बताया सत्संग का महत्व

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गैसड़ी बलरामपुर/श्री मुक्तेश्वर नाथ महादेव मंदिर जनकपुर में आयोजित श्री राम कथा के प्रथम दिन कथा वाचक सर्वेश जी महाराज ने कहा कि श्रीरामचरित मानस हिन्दू समाज का दर्पण है, जिसमें गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों और आदर्शों को प्रस्तुत किया है।उन्होंने कहा कि” बिनु सत्संग विवेक न होई, रामु कृपा बिनु सुलभ न सोई,” अर्थात् सत्संग के बिना विवेक नहीं होता और भगवान की कृपा के बिना सत्संग भी नहीं मिलता। तुलसी जी महाराज ने यह भी कहा है कि “सठ सुधरे सत संगति पाई, पारस परत कुधात सोहाई,” अर्थात् दुष्ट व्यक्ति भी सत्संग के प्रभाव से सुधर जाता है, जैसे लोहा पारस पत्थर के संपर्क में आकर सोना हो जाता है।कथा वाचक सर्वेश जी महाराज ने कहा कि कथा प्रसंग जीवन को सार्थक बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। भगवान की कथा सुनने को मिलना उनकी बड़ी कृपा है, क्योंकि आवत यही सर अति कठिनाई, राम कृपा बिन आई ना जाई, अर्थात् भगवान की कथा सुनने का अवसर उनकी कृपा से ही मिलता है।इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा राकेश सिंह, विधायक तुलसीपुर कैलाश नाथ शुक्ला, विनय कुमार मिश्रा, जन्मेजय सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष , जिला मंत्री भाजपा राम प्रसाद सिंह, महाराणा प्रताप जनजातीय सेवा संस्थान के अध्यक्ष मदनलाल जायसवाल, कथा समिति के अध्यक्ष सुनील कनौजिया, प्रमोद कनौजिया, लाले यादव ,वीरेंद्र गुप्ता, आदि गणमान्य लोग समेत सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे

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