गाजीपुर (भुड़कुड़ा)। स्थानीय पीजी कॉलेज भुड़कुड़ा में बुधवार को सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर का भव्य शुभारंभ उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह ने महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर बृजेश कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में दीप प्रज्ज्वलित कर किया।मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में छात्र-छात्राओं के समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए एनएसएस जैसे कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हो गए हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से समाज सेवा की भावना को अपने जीवन में उतारें और देश व समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत गौरी, ब्लॉक सैदपुर के पूर्व प्रधान विजय शंकर सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एनएसएस केवल एक योजना नहीं बल्कि युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लेने का आग्रह किया।अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रोफेसर शिवानंद पांडेय ने मुख्य अतिथि के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, प्रोफेसर रमेश कुमार ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रोफेसर बृजेश कुमार जायसवाल ने मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि एनएसएस शिविर छात्रों के जीवन में अनुशासन, सेवा और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से शिविर में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. विजय बहादुर यादव (सहायक प्राध्यापक, संस्कृत विभाग) द्वारा किया गया। शिविर का आयोजन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह एवं डॉ. शेषनाथ यादव के नेतृत्व में किया जा रहा है।कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकों द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं एनएसएस के स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। शिविर के दौरान विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के गुणों का विकास हो सके।