बहराइच। जमीयत उलमा शहर बहराइच के ज़ेरे एहतिमाम चल रहे सिलसिलावार इजलास-ए-शुहदाए इस्लाम के तहत शहर की विभिन्न मस्जिदों में आयोजित कई कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। इस अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए संगठन के महासचिव मौलाना मुहम्मद कलीम नदवी ने अब तक के आयोजनों को सराहनीय बताया और आगे की रूपरेखा भी घोषित की।
उन्होंने बताया कि इस दावती और इस्लाही अभियान के अंतर्गत जामा मस्जिद, मस्जिद फैजुल हसन, मस्जिद सलामतुल्लाह बेग, मस्जिद रशीदिया, मस्जिद शेख सलाहुद्दीन, मस्जिद रंगरेजां, मस्जिद नानपारा, मस्जिद गोल, मस्जिद आलम शहीद, मस्जिद सिद्दीकिया सहित शहर की अनेक मस्जिदों में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन आयोजनों में स्थानीय मुस्लिम समुदाय की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।read more:https://pahaltoday.com/khalsa-srcc-and-ramjas-college-win-in-pspb-baba-deep-singh-basketball/मौलाना कलीम नदवी ने कहा कि इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को इस्लाम के इतिहास और शहीदों की कुर्बानियों से अवगत कराना है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुहिम अभी जारी रहेगी और आने वाले दिनों में अन्य मस्जिदों में भी चरणबद्ध तरीके से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने जमीयत के स्थानीय जिम्मेदारों और इमामों से अपील की कि वे इस अभियान को और अधिक प्रभावी और सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि शुहदाए इस्लाम का संदेश समाज के हर व्यक्ति तक पहुंच सके।इन कार्यक्रमों को सफल बनाने में मौलाना कारी जुबैर अहमद कासमी, हाफिज मुहम्मद सईद अख्तर नूरी, मौलाना इनायतुल्लाह कासमी, मौलाना मुफ्ती इश्तियाक अहमद कासमी सहित कई उलेमा और जिम्मेदार लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।