पुलिस के साथ गांव मे घूमता रहा सजायाफ्ता हिस्ट्रीशीटर 

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नांगल सोती (बिजनौर)। जनपद बिजनौर के थाना नांगल सोती के अंतर्गत ग्राम चंदौक में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराधियों के प्रति उनके लचीले रुख पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों और ग्रामीणों के दावों के अनुसार, गांव का ही एक व्यक्ति, जसराम, थाने के एक चर्चित हिस्ट्रीशीटर (जिसे आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है) के साथ पुलिस की मौजूदगी में गांव में घूमता नजर आया।
ग्रामीणों का आरोप है कि जसराम पुत्र बलिराम निवासी चंदौक गांव में दोबारा अपना ‘जलवा’ और दबदबा कायम करने की फिराक में है। इसके लिए उसने कथित रूप से एक सजायाफ्ता हिस्ट्रीशीटर का सहारा लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान थानाध्यक्ष नांगल, अमर सिंह राठौड़ और अन्य पुलिसकर्मी भी उनके साथ देखे गए।read more:https://khabarentertainment.in/police-rescued-10-pilgrims-who-had-strayed-into-the-vijaygarh-fort-forest/
तस्वीरों ने खोली पोल
वायरल हो रही तस्वीरों में पुलिस बल की मौजूदगी और सजायाफ्ता अपराधी का इस तरह सरेआम घूमना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक हिस्ट्रीशीटर और सजायाफ्ता अपराधी को पुलिस का साथ या संरक्षण कैसे मिल रहा है? क्या यह गांव में दहशत फैलाने की कोई सोची-समझी रणनीति है या पुलिस की कोई विशेष जांच प्रक्रिया?
प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल
नियमों के अनुसार, पुलिस का काम अपराधियों पर लगाम कसना है, न कि उनके साथ खड़े होकर उनके प्रभाव को बढ़ाना। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल है। जागरूक नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक (SP) बिजनौर से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और यदि थानाध्यक्ष की संलिप्तता पाई जाती है, तो उन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।वही थाना अध्यक्ष अमर सिंह राठौड़ का कहना है कि यह व्यक्ति गांव की अंबेडकर समिति का अध्यक्ष है। यह व्यक्ति पुलिस को जुलूस निकालने का रूट दिखा रहा था। बाद में इसके बारे में जानकारी होने पर इसे वहां से हटा दिया गया। तथा इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है ।

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