बिजनौर। देश के लाखों दिव्यांगजनों के हक और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष एम आर पाशा आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।एम आर पाशा ने बहुत ही कम उम्र में यह ठान लिया था कि समाज में जो वर्ग सबसे ज्यादा उपेक्षित है, उसकी आवाज बनना है। इसी सोच के साथ उन्होंने राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन की नींव रखी, जो आज देश के कोने-कोने में दिव्यांगो के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है।उन्होंने बताया कि संगठन के मुख्य उद्देश्य: दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं, पेंशन, और आरक्षण का पूरा लाभ दिलाना।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/शिक्षित दिव्यांग युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना। समाज में दिव्यांगों के प्रति सम्मान और बराबरी का भाव पैदा करना। विकलांग प्रमाण पत्र, रेलवे पास, और अन्य दस्तावेजों में आ रही समस्याओं का निवारण कराना है
राष्ट्रीय अध्यक्ष एम आर पाशा ने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ एसोसिएशन चलाना नहीं है, बल्कि हर दिव्यांग को आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी बनाना है। विकलांगता शरीर में होती है, सोच में नहीं। जब तक एक भी दिव्यांग अपने हक से वंचित है, हमारी लड़ाई जारी रहेगी। उनके इस जज्बे और निस्वार्थ सेवा भावना के कारण आज हजारों लोग उनसे जुड़ रहे हैं।