ब्लॉक काशी विद्यापीठ में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित एफएलएन (FLN—बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान) शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सातों बैचों में सफलतापूर्वक समापन हो गया। लगभग एक माह तक चले इस व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम में ब्लॉक के सैकड़ों शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं प्रधानाध्यापकों ने प्रतिभाग किया।प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों के साथ कैच-अप कार्यक्रम का प्रभावी संचालन एवं अनुप्रयोग, पठन संस्कृति का विकास, निपुण विद्यालय के निर्धारित मानकों पर कार्य करना तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना रहा। इसके अतिरिक्त शिक्षक संकुल बैठकों को प्रभावशाली बनाना, पीयर लर्निंग के अवसर उपलब्ध कराना, चैंपियंस तैयार करना, लर्निंग आउटकम्स पर विशेष ध्यान देना तथा दक्षता आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को कक्षा-कक्ष में बच्चों की वास्तविक सीखने की स्थिति के अनुसार शिक्षण रणनीतियों का नियमित आकलन करने तथा आवश्यकता के अनुरूप उनमें बदलाव करने के लिए प्रेरित किया गया।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette कक्षा एक से तीन तक के शिक्षण में शिक्षक संदर्शिकाओं के प्रभावी उपयोग, गतिविधि आधारित शिक्षण तथा विभिन्न नवाचारी विधियों के माध्यम से बच्चों की भाषा एवं गणितीय दक्षताओं को विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही कक्षा चार की हिंदी, गणित एवं अंग्रेजी विषय की नवीन पाठ्यपुस्तकों के उपयोग और शिक्षण प्रक्रियाओं पर भी विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में संदर्भदाता के रूप में सामाजिक विज्ञान एआरपी डॉ. संजय गुप्ता, हिंदी एआरपी श्री पुरन्दर पाण्डेय, गणित एआरपी श्री अभिषेक तिवारी, अंग्रेजी एआरपी श्रीमती कीर्ति श्रीवास्तव तथा विज्ञान एआरपी श्रीमती बिदियाँ जायसवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी संदर्भदाताओं ने अपने विषयगत अनुभव, प्रभावी शिक्षण विधियों एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण को उपयोगी और सार्थक बनाया।संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम खंड शिक्षा अधिकारी श्री स्कंद गुप्त के मार्गदर्शन तथा एआरपी टीम के समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों में निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने, बच्चों की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने तथा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के प्रति नई ऊर्जा एवं प्रतिबद्धता का संचार हुआ।