गाजीपुर । जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में उर्वरक समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसानों को उनकी जोत के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता न हो। उन्होंने बताया कि जनपद में करीब दो लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ फसलों की खेती होती है, जिसके मद्देनज़र नाइट्रोजन एवं फास्फेटिक उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है।read more:https://pahaltoday.com/save-birds-fortnight-workshop-concludes/जिलाधिकारी ने इफको, कृभको, मैट्रिक्स सहित सभी उर्वरक कंपनियों को निर्देशित किया कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखें और वितरण केवल उर्वरक पास के माध्यम से ही किया जाए।किसानों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरक एवं नैनो डीएपी का उपयोग खेती की लागत को कम करने के साथ-साथ मिट्टी के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है, इसलिए इसका अधिकाधिक प्रयोग किया जाए।बिहार सीमा से सटे विकासखंड—जमानिया, रेवतीपुर, भदौरा, मोहम्मदाबाद और भांवरकोल—में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में कालाबाजारी और ओवररेटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में उप कृषि निदेशक विजय कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।