बाराबंकी। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए त्रिवेदीगंज विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय बहुता के प्रधानाध्यापक एवं स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) राहुल कुमार शुक्ला का चयन राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए किया गया है। शासन स्तर से चयनित शिक्षकों के नामों को अनुमोदन मिलने के बाद यह जानकारी सामने आई। जिले से पुरस्कार के लिए राहुल शुक्ला का चयन होने पर शिक्षकों और शिक्षा जगत में खुशी की लहर है। पांच सितंबर को लखनऊ में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा। राहुल कुमार शुक्ला ने विद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई नवाचार किए। उनके प्रयासों से विद्यार्थियों के शैक्षिक प्रदर्शन में सुधार के साथ विद्यालय की गतिविधियों को भी नई दिशा मिली। शिक्षण कार्य में नवाचार, विद्यार्थियों के बेहतर परिणाम और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को उनके चयन का आधार माना गया है। बीएसए नवीन कुमार पाठक ने बताया कि राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए शिक्षकों का चयन निर्धारित मानकों के आधार पर होता है।read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-holds-meeting-of-the-district-drinking-water-and-sanitation-mission-issues-directives/इसमें विद्यार्थियों की संख्या, विषयवार परीक्षा परिणाम, सेवा अवधि और वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) समेत कई बिंदुओं पर मूल्यांकन किया जाता है। पुरस्कार के लिए न्यूनतम 15 वर्ष की सेवा तथा मूल्यांकन में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करना आवश्यक है। चयन प्रक्रिया में पिछले पांच वर्षों के विषयवार परीक्षा परिणाम को विशेष महत्व दिया जाता है। राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित राहुल कुमार शुक्ला ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतर परिणाम और उनके सर्वांगीण विकास के लिए किए गए प्रयासों को सम्मान मिलना उत्साह बढ़ाने वाला है। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय विद्यालय के विद्यार्थियों, सहकर्मियों, अभिभावकों और सहयोग करने वाले सभी लोगों को दिया। कहा कि विद्यार्थियों के सहयोग और विश्वास के बिना शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करना संभव नहीं था। पुरस्कार से शिक्षकों और विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा तथा उन्हें आगे और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। राहुल शुक्ला के चयन की जानकारी मिलते ही सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी। शिक्षकों ने कहा कि उनका चयन शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और नवाचार को मिलने वाला सम्मान है। यह उपलब्धि राहुल शुक्ला के साथ ही पूरे बाराबंकी जनपद के लिए गौरव का विषय है।