ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर चेताया, भारत न भूलता है, न माफ करता है

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नई दिल्ली। मई 2025 में सीमा पार आतंकी ठिकानों पर की गई ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर को आज एक साल पूरा हो गया है।इस अवसर पर भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना ने एक विशेष वीडियो साझा कर दुनिया और विशेष रूप से शत्रु देशों को स्पष्ट संदेश दिया है कि नया भारत अपनी सुरक्षा और अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। वायुसेना ने अपने आधिकारिक संदेश में बेहद सख्त लहजे का इस्तेमाल करते हुए कहा कि भारत न कुछ भूलता है और न ही किसी को माफ करता है। यह बयान आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती से दोहराता है। जारी किए गए वीडियो की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संबोधन से होती है, जिसमें उन्होंने देश की इच्छाशक्ति को प्रकट करते हुए कहा था कि भारत आतंकियों और उनके मददगारों की पहचान करेगा, उन्हें ढूंढेगा और उनका खात्मा करेगा। यह संकल्प केवल एक बयान नहीं, बल्कि भारत की नई सैन्य कूटनीति की आधारशिला बन गया है। पिछले साल मई में भारतीय जांबाजों ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर सीमा पार सक्रिय आतंकी लॉन्च पैड्स और उनके ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया था। इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी उपलब्धि इसकी सर्जिकल प्रिसिजन (सटीकता) थी, जिससे बिना किसी अतिरिक्त नुकसान के केवल लक्ष्यों को निशाना बनाया गया।read more:https://pahaltoday.com/encroachment-removed-from-village-community-land-panic-ensues/वायुसेना ने इसे सटीक कार्रवाई और शाश्वत यादों वाला ऑपरेशन बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई ने दक्षिण एशिया के सुरक्षा समीकरणों को हमेशा के लिए बदल दिया है। सेना और वायुसेना का यह साझा संदेश उन ताकतों के लिए चेतावनी है जो सीमा पार से अस्थिरता फैलाने की कोशिश करते हैं। वीडियो के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि भारत अब केवल रक्षात्मक नहीं रहा, बल्कि प्रो-एक्टिव होकर खतरे को उसकी जड़ में खत्म करने की रणनीति पर काम कर रहा है। यह ऑपरेशन साबित करता है कि भारत के पास अब ऐसी तकनीकी और सामरिक ताकत है, जिससे वह किसी भी हिमाकत का तत्काल और करारा जवाब दे सकता है। ऑपरेशन सिंदूर की यह बरसी न केवल जवानों के साहस को नमन करती है, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि भारत अब दुश्मन के घर में घुसकर प्रहार करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति रखता है।

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