बमियाल: भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन पर स्थित शहीद डिप्टी कमांडेंट सुभाष शर्मा ढींडा फॉरवर्ड पोस्ट पर बीएसएफ की 109 बटालियन के कमांडेंट सुरेश सिंह की अध्यक्षता में शहीद सुभाष शर्मा का 30वां बलिदान दिवस अत्यंत श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस गरिमामयी समारोह में बीएसएफ सेक्टर हेडक्वार्टर इंद्रेश्वर नगर के डीआईजी विदुर भारद्वाज ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और शहीद की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें सलामी दी। इस अवसर पर 109 बटालियन के जवानों ने शस्त्र उल्टे कर और बिगुल की गौरवशाली धुन बजाकर अपने वीर साथी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। डीआईजी विदुर भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि डिप्टी कमांडेंट सुभाष शर्मा जैसे जांबाज अफसर सीमा सुरक्षा बल का गौरव हैं, जिन्होंने आतंकवाद के दौर में अपनी शूरवीरता से देश की अखंडता को बनाए रखा। उन्होंने शहीद के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि बीएसएफ का इतिहास ऐसे ही बलिदानों से लिखा गया है, जहाँ जवानों ने दुश्मन को हमेशा उसकी की भाषा में कड़ा जवाब दिया है।read more:https://worldtrustednews.in/three-blood-heroes-donated-blood-on-the-occasion-of-lord-parshuram-jayanti/
इस दौरान शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की ने शहीद सुभाष शर्मा को याद करते हुए कहा कि वे आतंकियों के लिए ‘काल’ थे और सीमा पार उनके नाम का खौफ इस कदर था कि आतंकी उन्हें ‘पीटर’ के नाम से पुकारते थे। कुंवर विक्की ने शहीद की पत्नी बबिता शर्मा के साहस की भी सराहना की, जो पति की शहादत के बाद समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। श्रद्धांजलि समारोह में 159 बटालियन के कमांडेंट सुरेश पांडे, 107 बटालियन के कमांडेंट नवीन चंद्र परगांई, पीसीटी ह्यूमैनिटी के संस्थापक जोगिंदर सिंह सलारिया सहित कई शहीद परिवारों के सदस्य और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में वीर शहीद की प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाकर उनके द्वारा देश के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद किया और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का पुंज बताया।