योजना के तहत कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक और मनरेगा कर्मी शुक्रवार से कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल के कारण मनरेगा से संबंधित सभी कार्य ठप हो गए हैं, जिससे विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा।यह कलमबंद हड़ताल 25 अप्रैल तक जारी रहेगी। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो हड़ताल की अवधि बढ़ाई जा सकती है, जिससे विकास कार्य और अधिक प्रभावित होने की आशंका है।बड़हलगंज ब्लॉक के ग्राम रोजगार सेवकों के अध्यक्ष कैलाशपति के नेतृत्व में मनरेगा कर्मियों ने बीडीओ बड़हलगंज मनोज सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद कर्मचारियों ने ब्लॉक मुख्यालय पर जमकर नारेबाजी भी की।कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले सात माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनके परिवारों का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई प्रभावित हो रही है। उनकी अन्य लंबित मांगों में एचआर पॉलिसी लागू करना, लंबे समय से ईपीएफ कटने के बावजूद खातों में पैसा न पहुंचना और मानदेय वृद्धि शामिल हैं, जिन पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई हैइन मांगों पर कार्रवाई न होने से आक्रोशित होकर कर्मचारियों ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर कलमबंद हड़ताल का रास्ता अपनाया है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक मानदेय का शीघ्र भुगतान और लंबित मांगों का समाधान नहीं होता, वे आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने बीडीओ से अनुरोध किया कि प्रांतीय नेतृत्व का अगला निर्देश मिलने तक उन पर काम करने का दबाव न बनाया जाए।इस दौरान एपीओ मीरा गौतम, जेई जयराम तिवारी, आशीष कुमार, रामबहाल, किशोरीलाल जायसवाल, निर्भय पांडे, अनुप सिंह, रेनू यादव, शशिकुमार, जयहिंद, दुर्गेश कुमार, अजीज, शोभा देवी, राजकिरन, मनीष यादव, दयानंद यादव, नीता सिंह, नंदिनी तिवारी, मनोज भारती, देवेंद्र कुमार, पन्नेलाल, बबलू यादव, नीतू चौहान, अनीता दूबे, रंजना यादव, संदीप कुमार, उमेश यादव और कृष्णमोहन सहित कई अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।