लखनऊ : 12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आशियाना स्थित मेधज संस्थान में सामूहिक योगाभ्यास किया गया। मेधज के संस्थापक डॉ समीर त्रिपाठी के साथ संस्थान के सभी कर्मचारियों ने योगाभ्यास किया। read more:https://pahaltoday.com/the-consumer-commission-settled-the-matter-by-giving-a-cheque-of-rs-55040/इस अवसर पर मेधज के संस्थापक डॉ समीर त्रिपाठी ने कहा कि 2015 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया था। उन्होंने कहा कि योग शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शांति का साधन है। सभी कार्य सभी पूर्ण हो सकते हैं, जब शरीर साथ दें। काया स्वस्थ है, तो मन स्वयं ही स्वस्थ हो जाएगा। डॉ त्रिपाठी ने अपने कर्मचारियों से योग को दिनचर्या की हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि प्राचीन भारत के ऋषियों ने सभी के लिए जीवेत शरदः शतम की कामना की थी। अच्छे स्वास्थ्य को सबसे बड़ी पूंजी बताया था। इसके लिए आहार, विहार, योग, यम, प्राणायाम का मंत्र दिया। प्रकृति के निकट रहने, उसके संरक्षण व संवर्धन के सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। बल्कि इससे मन मष्तिष्क व विचारों में भी संतुलन स्थापित होता है। यह आत्मानुशासन और आत्मसंयम का भाव भी जाग्रत करता है। योग प्राचीन काल से भारत की धरोहर है। एक बार फिर विश्व में इसकी अलख जग रही है। विश्व के प्रत्येक देश योग का महत्व समझ रहे हैं। इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है। योग में यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धरना ध्यान, समाधि तक विस्तार है। यह व्यक्तिगत व समाज जीवन का एक साथ कल्याण करता है। योग को लेकर भारत का आम नागरिक अपनी जिम्मेदारी को समझ रहा है। योग सामान्य व्यायाम या कसरत नहीं है। यह सम्पूर्ण जीवनशैली को बदल देता है। इससे सकारात्मक विचार बढ़ते हैं। नकारात्मक विचारों से छुटकारा मिलता है।