लोक अदालत है मामलों के निस्तारण का सस्ता एवं समुचित साधन: जनपद न्यायाधीश अखिलेश दुबे

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भदोही। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भदोही के तत्वाधान में शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर सरपतहां ज्ञानपुर के सभागार कक्ष में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ जनपद न्यायाधीश अखिलेश दुबे ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया। जिसमें कुल 68079 मामले संदर्भित किए गए व कुल 58956 मामलों का निस्तारण किया गया।read more:https://pahaltoday.com/suspicious-death-of-a-young-man-after-6-years-of-love-marriage/इस दौरान जनपद न्यायाधीश अखिलेश दुबे ने कहा गया कि लोक अदालत मामलों के निस्तारण का सस्ता एवं समुचित साधन है। जिसके माध्यम से मामले त्वरित गति से निस्तारित हो जाते हैं। इसमें किसी प्रकार की न तो हार होती है न तो जीत होती है। मामले अंतिम रूप से निस्तारित हो जाती है। राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर जनपद न्यायाधीश ने दीवानी न्यायालय परिसर का भ्रमण कर वादकारियों से भी उनकी समस्याएं सुनी तथा न्यायिक अधिकारियों व बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आमजन के मामलों को निस्तारित करें। जिससे आमजन को राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन का लाभ मिल सके तथा लोक अदालत की संकल्पना साकार हो सके। लोक अदालत में निस्तारण के लिए कुल 68079 मामले संदर्भित किए गए व कुल 58956 मामलों का निस्तारण किया गया। बैंक के प्री लिटिगेशन मामलों में कुल 28151139 रूपए वसूले गए। एनआई एक्ट के मामलों में कुल 500000 रूपए समझौता धनराशि तय की गई। बिजली बिल बकाया संबंधित मामलों में 49.78 लाख रुपया की समझौता धनराशि तय की गई। निस्तारित मामलों में जनपद न्यायाधीश अखिलेश दुबे द्वारा कुल 3 मामले का निस्तारण किया गया। वहीं अन्य मामलों का निस्तारण संबंधित न्यायिक अधिकारियों ने किया। इस मौके पर रत्नेश मणि त्रिपाठी प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, बंश बहादुर यादव पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, पवन कुमार तिवारी अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत, अमित वर्मा अपर जिला जज प्रथम, प्रज्ञा सिंह अपर जिला जज त्वरित न्यायालय प्रथम, निधि यादव मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, आनंद मिश्र सिविल जज सी.डि. हरकिरन कौर अपर मुख्य न्यायिक मजि.,अनामिका चौहान सिविल जज सी.डि.द्वितीय, खैरूनिशा सिविल जज सी.डि.तृतीय, अमित कुमार सिंह जज सी.डि. त्वरित न्यायालय, बलराम पनवार सिविल जज जू.डि., आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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