फतेहपुर। डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि घर में फिल्टर वाला पानी पीने वाले बच्चे गली में दूषित बर्फ वाला गोला खातें है। आपको नहीं पता वह बर्फ कौन से पानी से बनी है। सड़क पर बेचने के लिए कौन फिल्टर वाले पानी की बर्फ खिलाएगा । आपको नहीं पता उसमें मिले जाने वाले रंग सेहत के लिए अच्छे हैं या खतरनाक । बच्चे हो या बूढ़े कोई भी इस तरफ ध्यान नहीं देता। यहां तक की बेचने वाले को भी नहीं पता होता कि वह जो रंग बर्फ के गोलों पर डालकर बेच रहा है वह खतरनाक है या नहीं।सड़कों पर मिलने वाला बर्फ का गोला गर्मियों का सबसे पुराना साथी है। क्रश्ड आइस पर रंग-बिरंगे सीरप डालकर इसे तैयार किया जाता है। इन सीरप में कोई पोषक तत्व नहीं होते, बल्कि हानिकारक सिंथेटिक कलर्स और चीनी की चाशनी होती है। सबसे बड़ा खतरा इसमें इस्तेमाल होने वाले पानी और बर्फ की क्वालिटी का होता है।read more:https://pahaltoday.com/christians-and-muslims-together-are-converting-two-lakh-hindus-every-month-gopal-rai/
अगर बर्फ दूषित या गंदे पानी से बनी है, तो यह आपको सीधे तौर पर टाइफाइड, पेट का इन्फेक्शन और फूड पॉइजनिंग का शिकार बना सकती है।गर्मियों में खाया जाने वाला ‘बर्फ का गोला’ (Ice Gola) तात्कालिक ठंडक तो देता है, लेकिन यह सेहत के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है。सस्ते और दूषित पानी, हानिकारक केमिकल वाले रंगों (एसेंस) और तापमान के अचानक बदलाव के कारण यह पेट, गले और दांतों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है。 स्वास्थ्य पर पड़ने वाले मुख्य प्रभाव
पेट और पाचन तंत्र पर असर: बर्फ का गोला बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला पानी कई बार दूषित या गंदा हो सकता है। इसे खाने से डायरिया, पेट में दर्द, पीलिया (Jaundice) और टाइफाइड जैसी बीमारियां हो सकती हैं。गले में संक्रमण: एकदम ठंडा बर्फ खाने से गले की नसों को झटका लगता है, जिससे टॉन्सिल, गले में खराश या कफ की समस्या हो सकती है ।केमिकल और रंग (Colors): बर्फ के गोले में डाले जाने वाले आकर्षक चटकीले रंग (जैसे लाल, हरा) अक्सर केमिकल से बनाए जाते हैं, जो लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं。दांतों के लिए नुकसानदायक: बर्फ चबाने से दांतों की बाहरी परत (Enamel) को नुकसान पहुंचता है, जिससे दांतों में झनझनाहट (Sensitivity) और उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है। अन्य जोखिम फूड पॉइजनिंग: कई बार गोला बनाने वाले मांस या मछली को सुरक्षित रखने वाली बर्फ का इस्तेमाल करते हैं, जो खाने योग्य नहीं होती। इससे फूड पॉइजनिंग हो सकती है।
इम्युनिटी कमजोर होना: बच्चों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह अत्यधिक हानिकारक है।