नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों को लेकर उठे विवाद के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईरान को किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया है। सरकार ने उन सभी खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए नकद या क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से रकम दी गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि ‘सनमार हेराल्ड’ जहाज को सुरक्षित मार्ग देने के लिए ईरान को भुगतान किए जाने की खबरें पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाज के मालिकों से बातचीत में भी इस तरह के किसी भुगतान से इनकार किया गया है। यह स्पष्टीकरण 18 अप्रैल को हुई उस घटना के बाद सामने आया है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे दो भारतीय जहाजों को ईरानी बलों की चेतावनी और कथित गोलीबारी के बाद वापस लौटना पड़ा था।read more:https://khabarentertainment.in/relief-for-traffic-police-in-the-scorching-heat-umbrellas-installed-at-the-clock-tower इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस पर चर्चा शुरू हो गई थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ‘सनमार हेराल्ड’ के कप्तान ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना इकाई से जुड़े लोगों को भुगतान किया, ताकि जहाज को सुरक्षित रास्ता मिल सके। हालांकि भारतीय अधिकारियों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।