सहारनपुर। जनपद में अवैध खनन, परिवहन और उपखनिज भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खनन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बेहट क्षेत्र के दो स्टोन क्रेशरों में गंभीर अनियमितताएं पकड़ी हैं। जांच में अवैध भंडारण, ओवरलोड परिवहन और सीसीटीवी संचालन में संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद दोनों इकाइयों की भंडारण अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है। साथ ही संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया गया है। खनिज अनुभाग से जारी प्रेस नोट के अनुसार खान निरीक्षक सहारनपुर एवं नायब तहसीलदार बेहट द्वारा 19 जून को तहसील बेहट क्षेत्र स्थित मैसर्स महारानी एंटरप्राइजेज और मैसर्स बाबा बंसी स्टोन क्रेशर की संयुक्त जांच की गई। जांच के दौरान दोनों इकाइयों में उपखनिज भंडारण एवं परिवहन से संबंधित अभिलेखों का सत्यापन किया गया तथा सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली गई। जांच में मैसर्स महारानी एंटरप्राइजेज, ग्राम शहजादपुर बांस के भंडारण स्थल पर 7192 घन मीटर उपखनिज पाया गया, जबकि विभागीय पोर्टल के अनुसार मात्र 4686 घन मीटर उपखनिज का परिवहन शेष होना दर्शाया गया था। इस प्रकार 2506 घन मीटर उपखनिज का अवैध भंडारण पाया गया। अधिकारियों के अनुसार इस अनियमितता से राज्य सरकार को लगभग 29.05 लाख रुपये के राजस्व की क्षति हुई है। इतना ही नहीं, क्रेशर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच के दौरान कई वाहनों को ओवरलोड उपखनिज ले जाते हुए देखा गया।read more:https://pahaltoday.com/on-the-147th-foundation-day-of-the-bjp-workers-lit-lamps-and-paid-tribute-to-great-men/जांच टीम ने यह भी पाया कि रिकॉर्डिंग के दौरान कई बार कैमरे बंद रहे, जिससे गतिविधियों पर संदेह और गहरा गया। वहीं मैसर्स बाबा बंसी स्टोन क्रेशर, ग्राम बरथा कोरसी की जांच में भी अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों ने पाया कि परिसर में 6474 घन मीटर उपखनिज भंडारित था, जबकि विभागीय पोर्टल पर 5767 घन मीटर उपखनिज परिवहन हेतु अवशेष दर्शाया गया था। इस प्रकार 707 घन मीटर उपखनिज का अवैध भंडारण पाया गया। विभाग के अनुसार इससे करीब 11.78 लाख रुपये के राजस्व की क्षति हुई है। सीसीटीवी फुटेज की जांच में यहां भी ओवरलोड वाहनों द्वारा उपखनिज परिवहन किए जाने की पुष्टि हुई। इसके अलावा परिसर में आरबीएम (रेत-बजरी मिश्रित सामग्री) के भंडारण और आवागमन संबंधी गतिविधियां भी रिकॉर्ड हुईं, जिसकी जांच विभाग द्वारा की जा रही है। खनन विभाग ने दोनों स्टोन क्रेशरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी भंडारण अनुज्ञप्तियां तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दोनों इकाइयों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है और प्राप्त जवाब के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देशन में गठित टास्क फोर्स लगातार अवैध खनन, ओवरलोड परिवहन और अवैध भंडारण के विरुद्ध अभियान चला रही है। अधिकारियों का कहना है कि शासन की मंशा के अनुरूप राजस्व क्षति पहुंचाने वालों और नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद खनन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।