गाजीपुर हत्याकांड: युवती को न्याय दिलाने की मांग पर सपा का उग्र प्रदर्शन, पॉक्सो में केस व थानाध्यक्ष की बर्खास्तगी को लेकर बढ़ा दबाव

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गाजीपुर। जनपद के करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में युवती निशा विश्वकर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को समाजवादी पार्टी के बैनर तले सरजू पांडे पार्क में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने घटना को लेकर गहरा आक्रोश जताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि इस जघन्य अपराध को गंभीरता से लेते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही, मृतका के विसरा की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराए जाने, पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा पर्याप्त आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग भी उठाई गई। करंडा थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की मांग भी प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा रही।प्रदर्शन के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक मार्च किया। “निशा को न्याय दो” और “हत्यारों को फांसी दो” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने प्रशासन को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों में कानून का भय समाप्त हो चुका है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।read more:https://pahaltoday.com/mohsina-kidwai-was-a-leading-leader-in-the-countrys-politics-rajnath/  विधायक डॉ. विरेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने में भी लापरवाही बरतती है, जिससे पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने में देरी होती है। वहीं विधायक जै किशन साहू ने भी सरकार को घेरते हुए प्रदेश में भय और असुरक्षा का माहौल होने की बात कही।मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब मृतका के परिजनों से मिलने पहुंचीं समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव रीता विश्वकर्मा और उनके साथ मौजूद लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना सामने आई। इस प्रकरण ने प्रशासनिक व्यवस्था पर और सवाल खड़े कर दिए हैं। सपा नेताओं ने इस घटना की भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।घटना के बाद कटरिया गांव का माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के लगातार गांव पहुंचने से स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। इस दौरान कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और तनाव की स्थितियां भी देखने को मिली हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।फिलहाल जिला प्रशासन पर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों में आक्रोश बना हुआ है और वे जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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