अहरौला (आजमगढ़)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अहरौला के प्रवेश द्वार पर लगातार बाजार का कूड़ा फेंका जा रहा है। इतना ही नहीं, इस कूड़े में आग भी लगाई जा रही है, जिससे उठने वाला धुआं अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों और आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारी अब तक कोई ठोस कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं।read more:https://khabarentertainment.in/major-action-by-the-food-safety-department-sauce-factory-raided-550-kg-of-stock-destroyed/एक ओर उत्तर प्रदेश सरकार बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया, डायरिया समेत अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान चला रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर सर्वे, एंटी-लार्वा छिड़काव, फॉगिंग, साफ-सफाई और जनजागरूकता जैसे कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर कूड़े का ढेर और उसमें लगाई जा रही आग सरकारी प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है।बताया जाता है कि सीएचसी अहरौला में प्रतिदिन करीब 100 से 150 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य मरीज भी बड़ी संख्या में इलाज एवं परामर्श के लिए अस्पताल आते हैं। कूड़े से उठने वाला धुआं अस्पताल परिसर तक पहुंच रहा है, जिससे मरीजों को दिक्कत और संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल के गेट पर कूड़ा फेंके जाने और उसमें आग लगाने की समस्या काफी समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। लोगों ने तत्काल कूड़ा हटवाने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहरौला के अधीक्षक डॉ. शिवकुमार यादव से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, “अभी मैं मीटिंग में हूं, बाद में बात करता हूं।”स्वास्थ्य केंद्र जैसे संवेदनशील स्थान के बाहर इस प्रकार की लापरवाही न केवल मरीजों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि स्वच्छता और संचारी रोग नियंत्रण अभियान की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। तो वही इस संबंध में एडीओ पंचायत अहरौला जयप्रकाश सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं थी अभी जानकारी हुई है सफाई कर्मियों को भेज कर उसकी सफाई करवा दी जाएगी । और लोगों को हिदायत भी दी जाएगी कि भविष्य में वह यहां कूड़ा फेंके।