पिता चालक, बेटी परिचालक: बस में साथ निभा रहे ड्यूटी और जिम्मेदारी

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बहराइच ( मिहीपुरवा ) lजरवल। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बस में पिता चालक और बेटी परिचालक की भूमिका निभाकर न सिर्फ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, बल्कि यात्रियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। लखनऊ से रुपईडीहा डिपो के बीच संचालित बस में जरवल निवासी जलालुद्दीन अंसारी चालक की जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि उनकी बेटी शिफा अंसारी परिचालक के रूप में यात्रियों को सेवाएं दे रही हैं।दोनों पिता-पुत्री के बीच ड्यूटी के दौरान बेहतर तालमेल देखने को मिलता है। चालक जलालुद्दीन जहां सुरक्षित बस संचालन की जिम्मेदारी संभालते हैं, वहीं परिचालक शिफा यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराने के साथ परिवहन निगम के नियमों और सुविधाओं का पालन कराती हैं। सोमवार को लखनऊ से वापसी के दौरान  यात्रियों को जब पता चला कि चालक और परिचालक पिता-पुत्री हैं तो उन्होंने खुशी जताते हुए दोनों के कार्य की सराहना की।करीब  वर्षों से हैवी वाहन चला रहे जलालुद्दीन अपनी बेटी के साथ परिवहन निगम की बस में ड्यूटी कर रहे हैं।

read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteशिफा अंसारी का कहना है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से उन्हें भी प्रेरणा मिली। इसी सोच के साथ वह परिवहन निगम में परिचालक की जिम्मेदारी निभा रही हैं।शिफा ने बताया कि बस में यात्रा करने वाले यात्रियों को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र यात्रियों, महिलाओं तथा दिव्यांग यात्रियों के लिए निर्धारित नियमों और सुविधाओं का पालन कराया जाता है।उन्होंने कहा कि परिवहन निगम में अब बेटियां भी जिम्मेदारी के साथ परिचालक की भूमिका निभा रही हैं। बहराइच, रुपईडीहा और गोंडा डिपो सहित परिवहन विभाग में बहुत सारी युवतियां परिचालक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। पिता के साथ बस में ड्यूटी करना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों का विषय है।जलालुद्दीन के परिवार में तीन बेटियां और दो बेटे हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है। परिवार की जिम्मेदारियों के साथ पिता-पुत्री का इस तरह मिलकर काम करना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। यात्रियों ने पिता-बेटी की इस जोड़ी को परिवहन निगम में महिला आत्मनिर्भरता और पारिवारिक सहयोग की मिसाल बताया।

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