सहारनपुर। शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज विभाग में अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के सम्मान में जूनियर छात्रों द्वारा एक भव्य फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्साह, भावनाओं और सांस्कृतिक रंगों का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने इसे यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. (डॉ.) रणजीत सिंह, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) महिपाल सिंह एवं शिक्षकों द्वारा मां सरस्वती और बाबू विजेंद्र कुमार की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित तरीके से किया गया और शुरुआत डॉ. नवीन कुमार द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुई।read more:https://pahaltoday.com/tribute-to-labor-leader-jayaprakash-on-labor-day-in-modinagar-garland-laid-on-the-statue/
फेयरवेल समारोह में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने वरिष्ठ साथियों को विदाई दी। स्नातकोत्तर की छात्राओं मनीषा, मोनिका, तनीशा, ज्योति और रिवंशी ने कविता पाठ और भाषण प्रस्तुत कर कार्यक्रम में भावनात्मक रंग भर दिए। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया और तालियों की गूंज से सभागार गूंज उठा। इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) रणजीत सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए लक्ष्य के प्रति समर्पण, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे जहां भी जाएं, संस्थान का नाम रोशन करें और अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न मनोरंजक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ छात्रों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया और उन्हें स्मृति चिन्ह व पुरस्कार प्रदान किए गए। यह पल सभी के लिए भावुक कर देने वाला रहा, जब जूनियर छात्रों ने अपने सीनियर्स को शुभकामनाओं के साथ विदाई दी। अंत में शिक्षिका अंशिका अग्रवाल ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजन में सहयोग करने वाले सदस्यों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. विश्वास सैनी, डॉ. रणविजय, वाई.पी. मलिक, रितु शर्मा, सुमित शर्मा, अब्दुल्ला खान, आयुषी अग्रवाल, अंबिका गर्ग, तनवीर और अजमत सहित सभी शिक्षकों और स्टाफ का विशेष योगदान रहा। यह फेयरवेल समारोह न केवल छात्रों के लिए एक यादगार अनुभव बना, बल्कि यह उनके जीवन के नए अध्याय की शुरुआत का भी प्रतीक रहा, जहां वे अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ेंगे।