सोनभद्र। वर्षों से बकाया मानदेय और विकासखंड स्तर पर कथित शोषण-उत्पीड़न से नाराज ग्राम रोजगार सेवकों ने मंगलवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के प्रदेश सचिव प्रभात सिंह चंदेल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत रोजगार सेवकों की समस्याएं उठाईं। जिलाधिकारी ने मामले पर चिंता जताते हुए उपायुक्त श्रम एवं रोजगार को बुलाकर जल्द मानदेय भुगतान कराने के निर्देश दिए तथा अन्य समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
संघ के प्रदेश सचिव प्रभात सिंह चंदेल ने आरोप लगाया कि जनपद के विभिन्न विकासखंडों में ग्राम रोजगार सेवकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 12 से 14 माह का मानदेय बकाया होने के बावजूद रोजगार सेवकों से लगातार काम कराया जा रहा है। काम करने में असमर्थता जताने पर सेवा समाप्ति की धमकी देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण रोजगार सेवकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो प्रशासनिक मद के दुरुपयोग और मानदेय रोकने समेत कथित शोषण-उत्पीड़न के खिलाफ पूरे जनपद में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं मिर्जापुर मंडल प्रभारी सुरेश तथा जिलामंत्री रोहित यादव ने विकासखंड नगवां की समस्या उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा शासन और विभाग को बकाया मानदेय के संबंध में गलत एवं भ्रामक सूचनाएं भेजे जाने और लापरवाही के कारण रोजगार सेवकों का भुगतान नहीं हो सका। इसके चलते नगवां के रोजगार सेवकों को जिले से लेकर शासन स्तर तक अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान कराने, रोजगार सेवकों का उत्पीड़न रोकने और विकासखंड स्तर पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान वीरेंद्र कुमार, श्याम मोहन पांडेय, अमरपति राम, जुनैद अंसारी, चंद्रमणि यादव, रामसजीवन, जिलाजीत यादव, अयोध्या प्रसाद, उमेश कुमार, सुरेश कुमार, नंदलाल समेत अन्य रोजगार सेवक मौजूद रहे।