नई दिल्ली – हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र के अंतिम दिन 11 विधेयक चर्चा उपरांत पारित किये गये। पारित किए गए विधेयकों में हरियाणा विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026, हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक, 2026, हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, हरियाणा स्थानीय लेखा परीक्षा विधेयक, 2026, हरियाणा निजी विश्वविद्यालय(संशोधन) विधेयक, 2026, हरियाणा राज्य महिला आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026, हरियाणा माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026, हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026, हरियाणा राज्य भौतिक चिकित्सा परिषद् (निरसन) विधेयक, 2026, हरियाणा विधि अधिकारी (विनियोजन) संशोधन विधेयक, 2026 तथा हरियाणा कारबार का अधिकार अधिनियम,2026 शामिल हैं।
हरियाणा विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026
मार्च, 2027 के इकतीसवें दिन को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान सेवाओं के लिए हरियाणा राज्य की संचित निधि में से कुल 7136,63,25,000 रुपये (केवल सात हजार एक सौ छत्तीस करोड़, तिरसठ लाख, पच्चीस हजार रुपये) के भुगतान और विनियोग का प्राधिकार देने के लिए हरियाणा विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026 पारित किया गया है।
हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक, 2026
हरियाणा राज्य में अल्पसंख्यकों के हितों के संरक्षण तथा रक्षोपायों, धार्मिक तथा भाषाई अल्पसंख्यकों की अतिरिक्त सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक तथा सांस्कृतिक अपेक्षाओं के बारे में अनुशंसा करने, धर्म-निरपेक्ष परम्पराओं का परिरक्षण करने और राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तथा उससे सम्बन्धित या उससे आनुषंगिक मामलों के लिए अल्पसंख्यक आयोग का गठन करने हेतु हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक, 2026 पारित किया गया।हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना राज्य स्तर पर एक संस्थागत व्यवस्था प्रदान करने के उद्देश्य से प्रस्तावित है, ताकि अल्पसंख्यकों के संरक्षण के लिए संविधान तथा विधियों में प्रदत्त सुरक्षा उपायों का मूल्यांकन किया जा सके और हरियाणा राज्य में ऐसे सुरक्षा उपायों तथा विधियों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सिफारिशें की जा सकें।वैधानिक दर्जा प्राप्त आयोग अल्पसंख्यक समुदायों में उसके कार्यकरण और प्रभावशीलता के प्रति विश्वास उत्पन्न करेगा। इससे राज्य सरकार, विभागों, बोर्डों, निगमों, स्थानीय प्राधिकरणों तथा अल्पसंख्यकों के कल्याण और विकास से संबंधित अन्य संगठनों के समक्ष आयोग की सिफारिशों को अधिक महत्व प्राप्त होगा। अतः प्रस्तावित विधेयक द्वारा हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग को वैधानिक दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।आयोग का मुख्य कार्य राज्य में अल्पसंख्यकों के विकास की प्रगति का मूल्यांकन करना, अल्पसंख्यकों के हितों के संरक्षण हेतु संविधान तथा विधियों में प्रदत्त सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन का अनुश्रवण करना और अल्पसंख्यकों के अधिकारों तथा सुरक्षा उपायों से वंचित किए जाने संबंधी विशिष्ट शिकायतों की जांच करना होगा। आयोग अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक विकास से संबंधित विषयों पर अध्ययन, अनुसंधान और विश्लेषण भी कराएगा तथा सुरक्षा उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन और राज्य सरकार द्वारा अपनाए जाने योग्य उपयुक्त उपायों के संबंध में सिफारिशें करेगा।
हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026
हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) अधिनियम, 1961 को संशोधित करने के लिए हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया गया।वर्तमान प्रावधानों के अन्तर्गत निदेशक विकास एवं पंचायत विभाग ग्राम पंचायतों को उसकी शामलात देह में स्थित भूमि, ऐसे आवेदकों, जिन्होंने 31 मार्च, 2004 या उससे पहले शामलात भूमि पर अपने घर बनाए थे, को बेचने की स्वीकृति प्रदान करने के लिये अधिकृत है। अभी बड़ी संख्या में आवेदन अलग-अलग स्तरों पर स्वीकृति की प्रतिक्षा में लम्बित हैं। ऐसी स्वीकृति देने की प्रक्रिया को तेज करने और योग्य आवेदकों को समय पर राहत देने के लिए, संबंधित उपायुक्त को स्वीकृति देने का अधिकार सौंपना जरूरी है। अधिकारों के इस विकेंद्रीकरण से तेजी से फैसले लेने में मदद मिलने और लंबित मामलों की संख्या कम होगी।
हरियाणा स्थानीय लेखा परीक्षा विधेयक, 2026
सभी स्थानीय प्राधिकरणों और अन्य प्राधिकरणों, निकायों या संस्थाओं तथा स्थानीय निधि के लिए प्रभावी और दक्ष लेखा-परीक्षा प्रणाली और उससे सम्बद्ध तथा उसके आनुषंगिक मामलों के लिए उपबंध करने हेतु हरियाणा स्थानीय लेखा परीक्षा विधेयक, 2026 पारित किया गया।भारत के अन्य राज्यों के स्थानीय लेखा परीक्षा विभागों के अधिनियमों/ नियमों को तथा स्थानीय लेखा परीक्षा विभाग हरियाणा की समान कार्यप्रणाली को देखते हुए, विभाग के लिए एक अधिनियम तैयार करने की भी आवश्यकता है, ताकि एक मजबूत वैधानिक ढांचा प्रदान किया जा सके जो स्थानीय लेखा परीक्षा विभाग, हरियाणा को स्थानीय निकायों (पंचायती राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों) तथा अन्य विविध स्थानीय निधि संस्थानों जैसे कि सभी राज्य विश्वविद्यालयों, विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी, महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, सरकारी/ सरकारी सहायता प्राप्त हाई स्कूलों, सीनियर सेकेंडरी स्कूलों, कॉलेजों और किसी भी कानून या सरकार के आदेश द्वारा या उसके तहत स्थापित किसी अन्य प्राधिकरण, निकाय या संस्थान तथा किसी अन्य निधि जिसे सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के उद्देश्य के लिए स्थानीय निधि घोषित करे, की स्वतंत्र, समयबद्ध और प्रभावी लेखा परीक्षा करने के लिए सशक्त बनाएगा।लेखा परीक्षकों के प्रति लेखा परीक्षित संस्थानों की जवाबदेही लागू करने या रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए बाध्य करने हेतु मजबूत कानूनी शक्तियों की आवश्यकता है। यह एक सख्त कानूनी तंत्र विकसित करने के लिए जरूरी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्थानीय प्राधिकरण एक निश्चित समय सीमा के भीतर ऑडिट पैरा (लेखा परीक्षा आपत्तियों) का जवाब दें। यह अधिनियम स्थानीय लेखा परीक्षा के निदेशक को वित्तीय अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों को सीधे सरचार्ज (अधिभार) नोटिस जारी करने के लिए कानूनी रूप से सशक्त करेगा। यह अधिनियम वैधानिक समर्थन प्रदान करेगा जो लेखा परीक्षा ढांचे को स्थानीय राजनीतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप से बचाता है। यह पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए राज्य विधानमंडल को वार्षिक लेखा परीक्षा रिपोर्ट सौंपने के लिए वैधानिक समय सीमा अनिवार्य करता है।
हरियाणा निजी विश्वविद्यालय(संशोधन) विधेयक, 2026
हरियाणा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2006 को संशोधित करने के लिए हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया।राज्य के युवाओं को उच्चतर शिक्षा में बेहतर अवसर प्रदान करने हेतु शैक्षणिक संस्थाओं की संरचना और विस्तार की आवश्यकता है। उच्चतर शिक्षा में विद्यार्थियों की अप्रत्याशित वृद्धि को समायोजित करने की व्यवस्था में और 50 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अनुसार प्राप्त करने के लिए भी हमें सभी स्तरों पर वर्ष 2030 तक संस्थाओं की संख्या में मौटे तौर पर दोहरी वृद्धि करने की आवश्यकता है। उच्चतर शिक्षा में इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार का हस्तक्षेप पर्याप्त नहीं होगा। निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रमुख रूप में शामिल करने की आवश्यकता है