ईद-उल-अज़हा बकरा-ईद इस्लाम की तारीख में बड़ा मुकाम है। अल्लाह ने अपने बहुत ही प्यारे नबी हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के कई मर्तबा इम्तेहान लिए अल्लाह ने उनसे उनके जिगर के टुकड़े यानी आठ साल के बेटे हज़रत इस्माईल को अपने इम्तेहान के लिए आजमाया, और फिर हजरत इब्राहीम को हजरत इस्माईल की कुर्बानी का हुक्म दिया।read more:https://pahaltoday.com/patanjali-yogpeeth-organised-a-three-day-free-yoga-therapy-and-meditation-camp/
बाप ने बेटे को बताया मैं तुम्हें अल्लाह की राह में कुर्बान करूंगा आठ साल के बेटे इस्माईल ने कहा अब्बा जान ये रब का हुक्म है। तो आप इसको पूरा कीजिए में अल्लाह की राह में कुर्बान होने को तैय्यार हूँ। हजरत इब्राहीम ने अपनी आँखों पर पट्टी बाँध कर छुरी चलानी चाही तो अल्लाह के हुक्म से छुरी गले को काट ना सकी फिर अल्लाह ने कहा इब्राहिम हम आपका इम्तहान ले रहे थे आप पास हुए आप इस्माइल की जगह एक दुम्बा जीबाह कर दीजिए और इस तरह इस्लाम में कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ ।