बाराबंकी। नगर कोतवाली क्षेत्र में एक दलित परिवार पर कथित तौर पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट पर कब्जे के विवाद में दबंगों ने महिला समेत पूरे परिवार पर लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना की सूचना देने के बावजूद न तो समय पर पुलिस मौके पर पहुंची और न ही एंबुलेंस, जिससे उन्हें घायलों को निजी वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ा। मामले में नगर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। नगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम धरसानिया निवासी मनीष गौतम ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 1 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11ः30 बजे गांव के ही बंशीलाल पुत्र नन्हे अपने 5-6 साथियों के साथ उसके प्लॉट पर पहुंचे। आरोप है कि सभी लोग स्वयं को तहसील कर्मचारी बता रहे थे और प्लॉट की नाप-जोख करने के बाद वहां लगे पिलरों को तोड़कर हटाने लगे। जब इसकी जानकारी मनीष की मां राजरानी को हुई तो वह मौके पर पहुंचीं और विरोध किया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया। पीड़ित के अनुसार विरोध करने पर राजकुमारी पत्नी बंशीलाल, जयसिंह, अमरसिंह, मानसिंह, शीतल, अजेन्द्र प्रताप सहित अन्य लोगों ने एकजुट होकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में सबसे पहले मनीष की मां राजरानी के सिर पर वार किया गया, जिससे उनका सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।read more:https://pahaltoday.com/co-gave-instructions-for-action-against-anarchists-and-drug-addicts/ मां की चीख-पुकार सुनकर जब पिता रामदुलारे, बहन सुधा, भाई आर्यन, साजन पुत्र पंकज तथा बहन का बेटा उन्हें बचाने पहुंचे तो आरोपियों ने उन सभी को भी बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। मारपीट में सभी लोग लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मोहल्ले के लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर सभी की जान बचाई। इसके बाद जब घायल परिवार अपने घर की ओर जाने लगा तो आरोपी अपने मकानों की छतों पर चढ़ गए और वहां से ईंट-गुम्मों की बारिश शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि इसी दौरान बंशीलाल के पुत्र धारदार हथियार बांका लेकर उनके घर में घुस गए और जान से मारने का प्रयास किया। हालांकि मोहल्ले के लोगों के विरोध के कारण आरोपी अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके। मनीष गौतम का आरोप है कि घटना की सूचना तत्काल यूपी-112 और 108 एंबुलेंस सेवा को दी गई थी, लेकिन काफी देर तक न तो पुलिस मौके पर पहुंची और न ही एंबुलेंस। स्थिति गंभीर होने पर परिजनों ने निजी वाहन की व्यवस्था कर सभी घायलों को पहले हिंद हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने नगर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बंशीलाल और अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, घर में घुसकर हमला करने, जान से मारने की धमकी देने तथा अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। तहरीर में लगाए गए आरोपों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।