सुर, ताल के साथ पीयू में ‘सांस्कृतिक संध्या’ ने बिखेरे रंग

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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम में रविवार शाम सुरों, तालों और अभिनय की अनूठी महफिल सजी। नवरात्र के पावन प्रारंभ के अवसर पर आयोजित ‘सांस्कृतिक संध्या’ ने परिसर को भक्ति, संगीत और उत्सव के रंगों से भर दिया। देवी गीतों की मधुर प्रस्तुति से शुरू हुए कार्यक्रम ने उपस्थित श्रोताओं को आध्यात्मिक वातावरण में बांध लिया।कार्यक्रम की शुरुआत में देवी गीत की प्रस्तुति ने नवरात्र के पहले दिन की पवित्रता को और गहराई दी। इसके बाद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने गायन, वादन, लोकनृत्य तथा एकल एवं सामूहिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेरा। विश्वास के गीत ‘तू ही मुझको बता दे’ और ‘चाहूं मैं या ना’ की प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया, जबकि अर्जुन के गिटार वादन और अनुष्का के आकर्षक घूमर नृत्य पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राकेश कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों में असीम संभावनाएं और कलात्मक क्षमता मौजूद है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होती; संगीत, साहित्य, नृत्य और लोक संस्कृति विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को संवेदनशील, सृजनात्मक और आत्मविश्वासी बनाते हैं।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों के कलात्मक पक्ष को निखारने और उन्हें बेहतर मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय ऐसे आयोजन निरंतर करता रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिभा के साथ-साथ अनुशासन, मेहनत और संस्कारों को अपनी पहचान बनाने का आह्वान किया।सांस्कृतिक संध्या का विशेष आकर्षण पूर्व आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह की प्रस्तुति रही। उन्होंने अपने म्यूज़िकएल्बम के चर्चित गीतों को गाकर श्रोताओं का मन मोह लिया। टीडी कॉलेज जौनपुर के संगीत शिक्षक डॉ. नरेंद्र पाठक ने भी अपने गीतों के माध्यम से कार्यक्रम को संगीतमय और भावपूर्ण बनाया।कार्यक्रम का संचालन सलमान शेख और छात्रा ईश्विका सिंह ने किया। ईश्विका सिंह के शायराना अंदाज में किए गए संचालन ने कार्यक्रम में जोश और सौंदर्य का अनूठा संगम भर दिया। उनके शब्दों ने प्रस्तुतियों के बीच सेतु का काम किया और दर्शकों का उत्साह बना रहा।कार्यक्रम के दौरान एकलव्य स्टेडियम में तालियों की गूंज बनी रही। विद्यार्थियों की ऊर्जा, अतिथियों की मधुर प्रस्तुतियों और नवरात्र की भक्ति-भावना ने इस सांस्कृतिक संध्या को एक स्मरणीय उत्सव बना दिया।इस अवसर पर प्रो. अविनाश, प्रो. प्रमोद कुमार यादव, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. मनोज मिश्र, डॉ. अन्नू त्यागी, रजनीश सिंह तथा डॉ. कृष्णा सिंह समेत भारी संख्या में शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, परिसरवासी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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