नगीना। नगीना देहात क्षेत्र के कोटकादर स्थित प्रसिद्ध श्री कल्याणमल देवता के मंदिर में लगने वाले ऐतिहासिक कोट के मेले में हर वर्ष की तरह इस बार भी आषाढ़ मास के रविवारों पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आस्था के इस केंद्र पर विशेष रूप से तीसरे और पांचवें रविवार को एक से दो लाख तक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे कल्याणमल देवता मंदिर जाने वाले मार्ग पर लंबा जाम लग जाता है।read more:https://khabarentertainment.in/call-to-embrace-dr-syama-prasad-mookerjees-ideas-bjp-organizes-an-ideological-seminar/
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले के दौरान यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाती है। ऐसे में प्रशासन को पहले से व्यापक इंतजाम करने चाहिए। लोगों का सुझाव है कि जिस प्रकार मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान प्रमुख मार्गों पर हर कुछ दूरी पर पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, उसी प्रकार मेले के मार्ग पर भी पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और यातायात कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए, ताकि जाम, भगदड़ और जेबकतरों जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।लोगों ने यह भी मांग की कि महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों और नवविवाहित दंपतियों के लिए अलग एवं सुरक्षित दर्शन मार्ग बनाया जाए। मंदिर समिति और प्रशासन को मिलकर भीड़ प्रबंधन की ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।लगभग 500 वर्ष से अधिक प्राचीन माने जाने वाले श्री कल्याणमल देवता मंदिर के संबंध में मान्यता है कि यहां स्थापित चतुर्भुज प्रतिमा भूमि की खुदाई के दौरान प्रकट हुई थी। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रसाद चढ़ाते हैं और पारंपरिक अनुष्ठान संपन्न करते हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते समुचित यातायात और सुरक्षा प्रबंध कर दिए जाएं तो यह विशाल धार्मिक आयोजन और अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बन सकता है।