उन्नाव उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक बुधवार को विकास भवन सभागार में हुई। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रामौतार सिंह और सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान व बीडीसी सदस्यों से ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण को लेकर सुझाव लिए।बैठक में पिछड़े वर्ग की जनसंख्या, जातिगत स्थिति, राजनीतिक भागीदारी, सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन के कारणों तथा 27 प्रतिशत आरक्षण की आवश्यकता पर चर्चा की गई। इसके साथ ही शिक्षा, रोजगार, पेयजल, शौचालय और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी भी ली गई।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के पिछड़ेपन को दूर करने, रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने और आरक्षण बढ़ाने सहित कई सुझाव आयोग के समक्ष रखे।आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि उन्नाव प्रदेश का 21वां जिला है, जहां आयोग ने पहुंचकर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से फीडबैक लिया है। आयोग प्रदेश के सभी 75 जिलों का भ्रमण कर तथ्यों और सुझावों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपेगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगामी चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
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