कैडबरी चॉकलेट की फ्रेंचाइजी दिलाने के बहाने 14 लाख रुपये ठगे, जालसाज की तलाश में पुलिस

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कैडबरी चॉकलेट की फ्रेंचाइजी दिलाने के बहाने 14 लाख रुपये ठगे, जालसाज की तलाश में पुलिस

दिल्ली-एनसीआर
इंदिरापुरम के मकनपुर में रहने वाले चेतन कुमार गोयल को एक शातिर ने केडबरी चॉकलेट की फ्रेंचाइजी दिलाने के बहाने 14 लाख रुपये की ठगी कर ली। शक होने पर ग्राहक सेवा केंद्र के पदाधिकारी ने ठगी का भंडाफोड़ कर दिया। इंदिरापुरम के मकनपुर में रहने वाले चेतन कुमार गोयल को एक शातिर ने केडबरी चॉकलेट की फ्रेंचाइजी दिलाने के बहाने 14 लाख रुपये की ठगी कर ली। शक होने पर ग्राहक सेवा केंद्र के पदाधिकारी ने ठगी का भंडाफोड़ कर दिया। शातिर से पैसे मांगने पर उसने फोन बंद कर दिया। इंदिरापुरम पुलिस फोन नंबर और खातों की जांच की ठगी करने वाले का पता कर रही है। शिकायतकर्ता चेतन का कहना है कि उन्होंने कारोबार करने के लिए चॉकलेट कंपनी के कर्मचारी महेश से 15 अगस्त को बात की थी। उसने एजेंसी के लिए कुछ प्रक्रिया और कंपनी का परपल रूम बॉम्बे जियो वर्ल्ड ड्राइव में बताया। अगले दिन चेतन के पास शिवम नाम के युवक ने कॉल की। उसने केडबरी चॉकलेट के पररपल रूम के बारे में बात की। बातचीत में शिवम ने उन्हें एजेंसी के लिए कंपनी का प्रॉसपेक्टस भेज दिया। शातिर ने पहली बार में पंजीकरण कराने की एवज में 50 हजार रुपये खाते में जमा करा लिए। उसके बाद चेतन ने महेश को दोबारा फोन कर पूरी प्रक्रिया को पुष्ट किया जिसमें शिवम को कंपनी का रिलेशनशिप मैनेजर बताया। आरोप है कि शिवम ने उनसे एजेंसी की लोकेशन निर्धारित करने और अनुबंध के साथ एक लाख 75 हजार रुपये करा लिए। बाद में अनापत्ति प्रमाण पत्र के बहाने दो लाख 25 हजार रुपये, सिक्योरिटी फीस के लिए तीन लाख रुपये, फ्रेंचाइजी सर्टिफिकेट के लिए एक लाख 96 हजार रुपये जमा कराए। आरोप है कि शातिर ने एकोमोडेशन चार्जेस के नाम पर चार लाख 54 हजार रुपये खाते में ट्रांसफर करा लिए। उसके बाद जीएसटी के नाम पर दो लाख 43 लाख रुपये मांगे तो उन्हें शक हो गया। कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र पर फोन जानकरी ली तो पूरे फर्जीवाड़े का पता चल गया। कॉल सेंटर वाले ने बताया कि उनके नाम से कोई चालू खाता नहीं खुला है जिस खाते में सभी ट्रांजेक्शन की गईं वो चंदन नाम के युवक का बचत खाता है। इतना सुनकर चेतन के होश उड़ गए। आरोप है कि शातिर ने कई बार में 14 लाख की ठगी कर ली। इंदिरापुरम एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि साइबर टीम ट्रांजेक्शन होने वाले खाते और फोन नंबर को ट्रैस कर रही है। ठग का पता चलने पर उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगेगी।
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