दिल्ली परिवहन : मेट्रो की तर्ज पर डीटीसी में भी एनसीएमसी कार्ड सुविधा जल्द. 200 ई-बसों की सौगात अगले महीने

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दिल्ली परिवहन : मेट्रो की तर्ज पर डीटीसी में भी एनसीएमसी कार्ड सुविधा जल्द. 200 ई-बसों की सौगात अगले महीने

दिल्ली
दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में भी जल्द नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) की सुविधा लागू होगी। ऐसे में बसों से यात्रा करने वाले लोगों को टिकट लेने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। राजधानी में बसों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में भी जल्द नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) की सुविधा लागू होगी। ऐसे में बसों से यात्रा करने वाले लोगों को टिकट लेने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। यात्री एनसीएमसी कार्ड के जरिये टिकट का आसानी से भुगतान कर सकेंगे। अलग से स्मार्ट कार्ड रखने और पेपर टिकट लेने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। अभी तक यह सुविधा केवल मेट्रो में ही उपलब्ध है। दिल्ली सरकार इस सेवा को मौजूदा वर्ष के अंत में लागू कर सकती है। इसे लेकर परिवहन विभाग भी तेजी से कार्य कर रहा है। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पर लंबी योजना बनाई गई है, जिसके तहत इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल सरकार इस योजना को बसों में लागू करेगी। इसके बाद ऑटो व टैक्सी में लागू किया जाएगा। इससे यात्रियों को अलग-अलग सार्वजनिक वाहन से यात्रा करने में आसानी होगी। टिकट के लिए बार-बार नकद भुगतान नहीं करना होगा एनसीएमसी के लागू होने से यात्रियों को टिकट के लिए खुले पैसे रखने की जरूरत नहीं होगी। टिकट के लिए बार-बार नकद भुगतान भी नहीं करना होगा। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड के जरिये ऑनलाइन भुगतान कर बसों में सफर की सुविधा मिलने से यात्रियों की परेशानी कम हो जाएगी। इसको बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर कुछ छूट भी मिलेगी। एनसीएमसी लागू होने से यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग के लिए कई तरह के टिकट\ और दैनिक पास खरीदने की भी सुविधा होगी।यह है एनसीएमसी सुविधा एनसीएमसी से यात्री मेट्रो सहित एयरपोर्ट या बसों के किराये का भुगतान कर सकते हैं। यह कार्ड पूरे देश में मान्य है। इस कार्ड से टोल पार्किंग का शुल्क भी जमा किया जा सकता है। इस कार्ड से शॉपिंग के अलावा एटीएम से नकदी भी निकाल सकेंगे। स र्ड की मदद से कार्ड होल्डर को देश के किसी भी स्थान से शॉपिंग, बैंकिंग की सुविधाएं मिलती हैं।बसों में 40 लाख से अधिक यात्री करते हैं रोज सफरडीटीसी और क्लस्टर बसों की संख्या करीब 8 हजार है। इसमें 800 इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं। बसों में प्रतिदिन 40 लाख से अधिक लोग सफर करते हैं। कुल में करीब 35 प्रतिशत महिलाएं यात्रा करती हैं। बता दें महिलाओं के लिए बस सेवा निशुल्क है। ऐसे में रोज 25 लाख से अधिक लोग रुपये देकर टिकट खरीदते हैं। दिल्लीवासियों को अगले महीने 200 ई-बसों की मिलेगी सौगात दिल्लीवासियों को अगले माह 200 ई-बसों की सौगात मिलेगी। ऐसे में बसों की कमी से जूझ रहे दिल्ली के लोगों को अगले महीने से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। परिवहन विभाग की 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारने की तैयारी है। कुछ बसें महीने भर पहले ही दिल्ली पहुंच चुकी हैं। इनके पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। यह बसें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन व जीपीएस समेत कई सुरक्षा सुविधाओं से लैस होंगी। डीटीसी के सूत्रों ने उम्मीद जताई है कि अक्तूबर के पहले या दूसरे हफ्ते तक ये बसें सड़कों पर चलनी शुरू हो जाएंगी। इनमें से 150 बसें मायापुरी डिपो से चलेंगी, जबकि 50 बसों को नेहरू प्लेस में बनाए गए नए इलेक्ट्रिक डिपो से संचालित करने की तैयारी है। यहां से चलने वाली जिन बसों की मियाद पूरी हो चुकी है, उन्हें बेड़े से बाहर किया जाएगा। जो बसें चलने लायक हैं, उन्हें दूसरे डिपो में शिफ्ट किया गया है। डीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बसों के लाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। अभी चल रहीं 800 इलेक्ट्रिक बसें : मौजूदा समय में 800 ई-बसें चल रही हैं। इनमें 400 बसें जी-20 से पहले ही सड़कों पर उतरी हैं। सड़कों पर आठ हजार के लगभग बसें चल रही हैं, जिसमें डीटीसी की 4060 बसें और क्लस्टर की 3319 बसें चलती हैं। बाकि 800 ई-बसें हैं। डीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नई बसों के लिए डिपो का काम भी लगभग पूरा हो गया है। अत्याधुनिक डिपो में चार्ज भी हो सकेंगी अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक डिपो में बसें चार्ज भी हो सकेंगी। ऐसे सात डिपाे तैयार हो गए हैं, जहां 745 बसें खड़ी हो सकती हैं, वहीं 755 बसें खड़ी करने के लिए छह डिपो बनाने का काम अंतिम चरण में है, जिसमें हसनपुर डिपो, सुखदेव विहार, कालकाजी, नारायणा व सावदा घेवरा डिपो शामिल हैं। दिल्ली सरकार का लक्ष्य 2025 के आखिर तक सड़कों पर कुल 8 हजार इलेक्ट्रिक बसें उतारने का है। इस योजना पर काम होने के बाद दिल्ली में 10 हजार से ज्यादा बसें होंगी। इनमें 80 प्रतिशत बसें इलेक्ट्रिक होंगी।

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