म्योरपुर, सोनभद्र। बिड़ला विद्या मंदिर इंटर कॉलेज परिसर में सोमवार को आदिवासी अधिकार मंच, आदिवासी महासभा सलाहकार समिति एवं विभिन्न समाजों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में आरक्षण, संवैधानिक अधिकारों और आदिवासी समाज से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख मानसिंह गोड़ रहे। बैठक में गोंड, खरवार, पनिका, चेरो, भुइयां, पठारी और अगरीया समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि संविधान में अधिकार मिलने के बावजूद प्रदेश में आदिवासी समाज को अब तक आबादी के अनुपात में पूर्ण आरक्षण नहीं मिल सका है। वर्ष 2003 के दुद्धी सम्मेलन के बाद अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा मिलने के बावजूद लंबे समय तक चुनावी आरक्षण लागू नहीं हो पाया था। बाद में आंदोलन और न्यायालय के हस्तक्षेप से पंचायत एवं विधानसभा चुनावों में आरक्षण लागू हुआ, लेकिन अब भी कई सीटों पर चुनाव न कराए जाने और आरक्षण में कटौती जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।read more:https://khabarentertainment.in/poetry-evening-organized-on-the-birth-anniversary-of-mathematician-aryabhata-and-baba-saheb-ambedkar/ बैठक के दौरान आदिवासी समाज की ओर से 12 सूत्रीय मांगों का प्रस्ताव रखा गया। प्रमुख मांगों में छूटी हुई जनजातियों को एसटी में शामिल करना, जनगणना में आदिवासी धर्म के लिए अलग कॉलम, जल-जंगल-जमीन पर संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करना, आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण, धर्मांतरण पर रोक तथा विश्व आदिवासी दिवस को राष्ट्रीय पर्व घोषित करने की मांग शामिल रही। वक्ताओं ने समाज के लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। इस दौरान अशोक खरवार, अमर सिंह खरवार, राधेश्याम पनिका, कृपाशंकर पनिका, उमा शंकर सिंह मरकाम, देव सिंह मरकाम, शिव शंकर पोयमा, संजय गोंड धुर्वे, अशर्फी सिंह परस्ते, बबई सिंह मरकाम, हरिप्रसाद सलबंदी, वीरझन पनिका, बुद्धिनारायण सिंह गौड़, राम नारायण सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।